नोट: इस लेख में दवाओं के नाम केवल शैक्षणिक उद्देश्य से दिए गए हैं। कोई भी दवा अपने डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। खुराक और अवधि आपकी व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करती है।

“डॉक्टर साहब, आप मुझे लिटाकर क्या देख रहे थे?” — यह सवाल अक्सर पूछा जाता है। वह जाँच थी डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट। और इसी से पता चला कि आपको BPPV है। डिक्स- आज हम dix-hallpike टेस्ट के बारे में बात करेंगे।

यह BPPV की पहचान का सबसे सटीक और आसान तरीका है। 2-3 मिनट में हो जाता है। कोई मशीन नहीं, कोई दवा नहीं।

डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट Bppv: डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट क्या है?

यह एक सरल नैदानिक परीक्षण है जो पिछली नहर (Posterior Canal) BPPV की पहचान करता है (PubMed reference)।

इसे सन 1952 में Dr. Margaret Dix और Dr. Charles Hallpike ने विकसित किया था। तब से यह BPPV की जाँच का मानक तरीका है।

टेस्ट कैसे होता है?

आप कुर्सी पर सीधे बैठते हैं। डॉक्टर आपके सिर को 45 डिग्री बगल की ओर घुमाते हैं। फिर आपको जल्दी से पीठ के बल लिटाया जाता है — सिर बेड के किनारे से नीचे लटकता है।

इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकते हैं। डॉक्टर आपकी आँखों को देखते हैं।

फिर उसी तरह दूसरी तरफ किया जाता है।

टेस्ट के दौरान क्या महसूस होता है?

अगर BPPV है — तो लिटाने के कुछ सेकंड बाद चक्कर आता है और आँखें एक खास तरीके से हिलती हैं (Nystagmus)।

यह जानबूझकर चक्कर लाया जाता है — ताकि जाँच हो सके। डॉक्टर आपको पहले ही बताते हैं। घबराएँ नहीं।

चक्कर 10-40 सेकंड में अपने आप रुक जाता है।

टेस्ट का परिणाम क्या बताता है?

Upbeat-Torsional Nystagmus — आँखें ऊपर और प्रभावित कान की तरफ घूमती हैं। यह पिछली नहर BPPV की पहचान है।

Downbeat Nystagmus — आँखें नीचे की तरफ घूमती हैं। यह अगली नहर BPPV हो सकती है।

अगर Nystagmus नहीं — BPPV नहीं है, अन्य कारण देखना होगा।

टेस्ट से पहले क्या ध्यान रखें?

  • चक्कर की दवा न लें (Betahistine, प्रोक्लोरपेराज़ीन (उल्टी-रोधी दवा))।
  • घर से कोई साथ लाएँ।
  • ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।
  • घबराएँ नहीं — थोड़ी देर के लिए चक्कर आना सामान्य है।
डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट BPPV

क्या Dix-Hallpike की VNG से तुलना होती है?

Dix-Hallpike एक सरल जाँच है जो हर जगह होती है। VNG अधिक सटीक है — कैमरे से Nystagmus रिकॉर्ड होता है। जटिल मामलों में VNG बेहतर जानकारी देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट में दर्द होता है क्या?
उ: नहीं। बस चक्कर जैसा महसूस हो सकता है — जो थोड़ी देर में खुद रुक जाता है।

प्र: क्या टेस्ट के बाद चक्कर बढ़ जाएगा?
उ: नहीं। टेस्ट से BPPV बिगड़ता नहीं। बल्कि टेस्ट के तुरंत बाद इलाज (Maneuver) किया जाता है।

प्र: अगर टेस्ट में कुछ नहीं दिखा तो क्या मतलब है?
उ: इसका मतलब BPPV नहीं है। अन्य कारण जाँचे जाते हैं — VNG, Audiometry, या अन्य परीक्षण।

प्र: क्या घर पर यह टेस्ट कर सकते हैं?
उ: नहीं। गलत तरीके से करने पर चोट लग सकती है। यह प्रशिक्षित डॉक्टर की निगरानी में ही सुरक्षित है।

प्र: टेस्ट के बाद क्या होता है?
उ: BPPV पाया गया तो तुरंत Epley Maneuver या बैंगलोर मैनुवर किया जाता है। ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन बेहतर महसूस करते हैं।

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परामर्श के लिए संपर्क करें

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को चक्कर आने की समस्या है, तो देर न करें। Prime ENT Center, हरदोई में VNG और Stabilometry जाँच की सुविधा उपलब्ध है — Central UP में केवल यहाँ।

📞 अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें: 7393062200 (WhatsApp/Call)

कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी — सभी जिलों से मरीज हरदोई आते हैं।

ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है — पूरे भारत के मरीजों के लिए।

टेस्ट में क्या होता है — step by step

मरीज़ examination table पर बैठते हैं। फिर:

  1. डॉक्टर मरीज़ का सिर 45° दाएँ (या बाएँ) मोड़ता है।
  2. मरीज़ को तेज़ी से पीछे लिटाया जाता है — सिर table के किनारे से थोड़ा नीचे लटकता है।
  3. 30-60 सेकंड तक आँखों को देखा जाता है — Nystagmus (आँखों की कंपन) की तलाश।
  4. मरीज़ को वापस बिठाया जाता है।
  5. फिर दूसरी तरफ repeat किया जाता है।

पूरे process में 5 मिनट लगते हैं। हाँ, चक्कर आएगा — लेकिन यही चक्कर diagnosis करता है। जो तरफ ज़्यादा चक्कर आए — उसी कान में BPPV है।

डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट BPPV

Positive डिक्स-हॉलपाइक का मतलब

अगर लिटाने पर:

  • आँखें ऊपर और एक तरफ घूमें (Upbeat-Torsional Nystagmus) → Posterior Canal BPPV — सबसे common।
  • आँखें नीचे घूमें (Downbeat Nystagmus) → Anterior Canal BPPV — दुर्लभ, बैंगलोर मैनुवर से इलाज।
  • कोई Nystagmus न हो → BPPV नहीं है, या Horizontal Canal हो सकता है (जिसके लिए Supine Roll Test ज़रूरी)।

गर्दन की समस्या वालों में — modified technique

बहुत से बुज़ुर्ग मरीज़ों में गर्दन में Spondylosis या stiffness होती है। क्या ऐसे में डिक्स-हॉलपाइक हो सकता है?

हाँ — modified technique से। सिर को कम पीछे झुकाया जाता है। Table को adjust किया जाता है। और VNG goggles पहनने से हल्का सा Nystagmus भी दिख जाता है जो नंगी आँख से छूट जाता।

मेरे clinic में ऐसे कई बुज़ुर्ग मरीज़ आते हैं — और modified technique से BPPV diagnose हो जाता है।

टेस्ट से पहले क्या ध्यान रखें?

  • चक्कर की दवा (प्रोक्लोरपेराज़ीन (उल्टी-रोधी दवा), बीटाहिस्टीन) 48 घंटे पहले बंद करें — दवा होगी तो test false negative आ सकता है।
  • खाली पेट न आएँ — हल्का नाश्ता कर लें।
  • किसी को साथ लाएँ — test के बाद हल्का चक्कर रह सकता है।
  • अगर VNG scheduled है — तो आई मेकअप न लगाएँ।

यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल से Prime ENT Center, हरदोई में परामर्श लें या 7393062200 पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। वेबसाइट: drprateekporwal.com

Dr. Prateek Porwal

Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB ENT, CAMVD) is a vertigo and BPPV specialist at Prime ENT Center, Nagheta Road, Hardoi, UP 241001. Inventor of the Bangalore Maneuver. Only VNG + Stabilometry setup in Central UP. Online consultations available across India — call/WhatsApp 7393062200.