सीधी बात: “कान के पत्थर” से आमतौर पर आशय भीतरी कान के बहुत छोटे कैल्शियम क्रिस्टल से होता है। ये क्रिस्टल अपनी जगह से निकलकर किसी semicircular canal में चले जाएँ तो सिर की खास हरकत पर कुछ सेकंड का घूमने जैसा चक्कर हो सकता है। इसे BPPV कहा जाता है। सही जाँच के बाद प्रभावित canal के अनुसार किया गया repositioning maneuver इसका मुख्य उपचार है।

कान के पत्थर BPPV में खिसके क्रिस्टल और canal-repositioning का चित्र
BPPV में खिसके क्रिस्टल और उन्हें प्रभावित नली से बाहर ले जाने की प्रक्रिया का शैक्षणिक चित्र।

कान के पत्थर BPPV में क्या होता है?

भीतरी कान में संतुलन से जुड़ी एक प्रणाली होती है। इसमें तीन अर्धवृत्ताकार नलियाँ (semicircular canals) और utricle नाम का एक भाग शामिल हैं। Utricle में मौजूद सूक्ष्म कैल्शियम कार्बोनेट क्रिस्टल को otoconia कहते हैं। जब कुछ क्रिस्टल अलग होकर किसी नली में पहुँच जाते हैं, तो सिर हिलाने पर वे द्रव की गति को प्रभावित कर सकते हैं। इससे आँखों और दिमाग तक आने वाले संतुलन संकेतों में अस्थायी असंगति होती है और चक्कर महसूस हो सकता है।

BPPV का अर्थ यह नहीं है कि कान में सचमुच कोई बड़ा पत्थर बन गया है। यह समझाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान्य शब्द है। केवल लक्षण पढ़कर स्वयं निदान करना ठीक नहीं, क्योंकि चक्कर के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

कौन-से लक्षण BPPV जैसे लग सकते हैं?

  • बिस्तर में करवट बदलने, लेटने या उठने पर थोड़ी देर के लिए कमरा घूमना।
  • ऊपर देखने, नीचे झुकने या सिर को एक दिशा में घुमाने पर चक्कर आना।
  • चक्कर का तेज हिस्सा अक्सर एक मिनट से कम रहना, हालांकि बाद में अस्थिरता या मतली कुछ समय रह सकती है।
  • हर बार मिलती-जुलती सिर की हरकत से लक्षण शुरू होना।

लगातार कई घंटे घूमना, नई सुनाई की कमी, बेहोशी, तेज नया सिरदर्द या हाथ-पैर की कमजोरी केवल सामान्य BPPV मानकर नहीं छोड़नी चाहिए।

कान के पत्थर BPPV की जाँच कैसे होती है?

जाँच की शुरुआत लक्षणों के समय, अवधि और उन्हें शुरू करने वाली स्थिति को समझने से होती है। Posterior-canal BPPV की पुष्टि के लिए Dix–Hallpike test किया जा सकता है। यदि लक्षण BPPV जैसे हों लेकिन Dix–Hallpike में अपेक्षित आँखों की गति न मिले, तो lateral canal के लिए supine roll test उपयोगी हो सकता है।

सामान्य BPPV में हर मरीज को MRI, VNG या दूसरी vestibular जाँच की आवश्यकता नहीं होती। इन पर तब विचार किया जाता है जब लक्षण सामान्य BPPV से अलग हों, निदान स्पष्ट न हो, सुनाई या तंत्रिका तंत्र से जुड़े संकेत हों, या जाँच के परिणाम से उपचार बदलने की संभावना हो। इसी तरह सामान्य blood pressure BPPV को सिद्ध नहीं करता और बदला हुआ blood pressure चक्कर का अलग कारण हो सकता है—दोनों बातों का मूल्यांकन स्थिति के अनुसार होना चाहिए।

मुख्य उपचार: canal-repositioning maneuver

पुष्ट posterior-canal BPPV में Epley maneuver जैसी canal-repositioning प्रक्रिया का उद्देश्य क्रिस्टल को नली से बाहर उपयुक्त स्थान की ओर ले जाना है। दूसरी नली या आँखों की गति के अलग ढंग में maneuver भी अलग हो सकता है। इसलिए पहले प्रभावित तरफ और नली की पहचान महत्वपूर्ण है।

कई लोगों को एक maneuver के बाद स्पष्ट राहत मिलती है, जबकि कुछ को दोबारा जाँच या repeat maneuver की आवश्यकता होती है। बचे हुए असंतुलन का अर्थ हमेशा यह नहीं कि वही BPPV अभी भी मौजूद है। लक्षण बने रहें तो अधूरा ठीक हुआ BPPV, vestibular migraine, भीतरी कान की दूसरी समस्या या तंत्रिका तंत्र से जुड़े कारण पर दोबारा विचार किया जाता है।

Maneuver के बाद क्या करें?

Posterior-canal BPPV के सफल repositioning के बाद सभी मरीजों के लिए तय समय तक सोने या सिर रखने की नियमित पाबंदियों की सलाह guideline समर्थित नहीं करती। व्यक्तिगत चोट, गर्दन की समस्या, गिरने का खतरा या किसी अलग चिकित्सकीय कारण से डॉक्टर विशेष निर्देश दे सकते हैं।

  • चक्कर या असंतुलन रहे तो वाहन, सीढ़ी, ऊँचाई और अकेले स्नान जैसी जोखिम वाली गतिविधियों में सावधानी रखें।
  • अचानक उठने के बजाय पहले बैठें, स्थिर महसूस होने पर खड़े हों और जरूरत हो तो सहारा लें।
  • घर पर maneuver तभी करें जब BPPV का pattern पहले जाँचा गया हो और आपको सही तरफ व सही तकनीक सिखाई गई हो।
  • लक्षण बने रहें या pattern बदल जाए तो पुराने maneuver को बार-बार दोहराने के बजाय पुनः जाँच कराएँ।

दवाओं की भूमिका क्या है?

Betahistine, antihistamine या उल्टी रोकने वाली दवा खिसके हुए क्रिस्टल को अपनी जगह वापस नहीं पहुँचाती। BPPV का नियमित इलाज केवल vestibular-suppressant दवाओं से करना guideline में प्रोत्साहित नहीं किया गया है। फिर भी तेज मतली, उल्टी या किसी दूसरी बीमारी में डॉक्टर थोड़े समय के लिए दवा दे सकते हैं। अपनी चल रही दवा स्वयं बंद या शुरू न करें।

Vitamin D और दोबारा होने वाला BPPV

BPPV दोबारा हो सकता है। बार-बार चक्कर लौटने या vitamin-D deficiency की संभावना वाले व्यक्ति में डॉक्टर रक्त जाँच पर विचार कर सकते हैं। कम vitamin D वाले कुछ मरीजों में चिकित्सकीय निगरानी में vitamin D और calcium supplementation से recurrence कम होने का प्रमाण मिला है। इसकी खुराक, calcium की आवश्यकता और पुनः जाँच उम्र, रक्त जाँच के परिणाम, kidney या bone health तथा दूसरी दवाओं के अनुसार तय होते हैं; इस लेख के आधार पर supplement शुरू न करें।

कब तुरंत चिकित्सा सहायता लें?

निम्न में से कोई लक्षण हो तो इसे केवल कान के पत्थर का चक्कर न मानें:

  • चेहरा टेढ़ा होना, हाथ-पैर में नई कमजोरी या सुन्नपन।
  • बोलने में कठिनाई, नई double vision, बेहोशी या भ्रम।
  • बहुत तेज नया सिरदर्द, chest pain या बिना सहारे चल न पाना।
  • अचानक सुनाई कम होना, लगातार तेज vertigo या बार-बार उल्टी और dehydration।
  • गिरने से चोट या ऐसे लक्षण जो पहले के BPPV के ढंग से अलग हों।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कान के पत्थर अपने-आप ठीक हो सकते हैं?

कुछ लोगों में लक्षण समय के साथ कम हो सकते हैं, लेकिन तब तक गिरने या काम में बाधा का खतरा रह सकता है। सही निदान मिलने पर निगरानी और पुनः जाँच या repositioning maneuver में से उपयुक्त विकल्प चुना जा सकता है।

क्या हर चक्कर में Epley maneuver करना चाहिए?

नहीं। Epley मुख्यतः posterior-canal BPPV के लिए है। गलत निदान, गलत तरफ या अलग नली में इसे करने से लाभ न मिलना या लक्षण बढ़ना संभव है।

क्या BPPV में VNG जरूरी है?

सामान्य BPPV में क्लिनिक में किए गए positional tests अक्सर पर्याप्त होते हैं। VNG testing तब उपयोगी हो सकती है जब positional eye movements स्पष्ट रूप से देखना कठिन हो, लक्षण सामान्य BPPV से अलग हों या दूसरे vestibular कारण की जाँच से इलाज की योजना बदल सकती हो।

अगर चक्कर फिर से आए तो क्या करें?

चक्कर शुरू करने वाली स्थिति, अवधि, सुनाई के लक्षण, सिरदर्द और चलने की सुरक्षा नोट करें। पहले जैसा ढंग होने पर भी दोबारा positional assessment उपयोगी है, क्योंकि इस बार अलग नली या कोई दूसरा कारण शामिल हो सकता है।

हरदोई में परामर्श

Prime ENT Center, Hardoi में पहले लक्षणों का इतिहास और चिकित्सकीय जाँच की जाती है। Positional tests, hearing assessment या vestibular testing केवल तब चुने जाते हैं जब उनसे निदान स्पष्ट होने या उपचार बदलने की संभावना हो। Online consultation रिपोर्ट और अगले कदम समझने में मदद कर सकती है, लेकिन positional diagnosis और maneuver के लिए अक्सर प्रत्यक्ष जाँच आवश्यक होती है।

अपॉइंटमेंट: 7393062200 (Call/WhatsApp)

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References

Medical Disclaimer: यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह, निदान या दवा की पर्ची नहीं है। नई, गंभीर या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्या में तुरंत उपयुक्त चिकित्सा सहायता लें। व्यक्तिगत मूल्यांकन के लिए Dr. Prateek Porwal, Prime ENT Center, Hardoi से परामर्श करें।

Dr. Prateek Porwal

ENT and vestibular clinician at Prime ENT Center, Hardoi. Clinical interests include vertigo, BPPV, balance disorders, hearing and general ENT care. In-person consultations and online guidance are available through the clinic.