“कान के पत्थर हिल गए हैं” — यह बात मैं अपने मरीज़ों को अक्सर समझाता हूँ। और अक्सर वे पहली बार सुनते हैं। कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर से आने वाले मरीज़ सोचते हैं कि उन्हें कोई गंभीर बीमारी है। लेकिन जब समझाता हूँ — तो राहत मिलती है।

कान के अंदर वास्तव में छोटे-छोटे कैल्शियम के कण होते हैं। और जब ये कण अपनी जगह से हट जाते हैं — तब चक्कर आता है। इसे ही BPPV कहते हैं।

कान के अंदर होता क्या है?

हमारे कान के तीन हिस्से होते हैं — बाहरी, मध्य और आंतरिक। चक्कर की जड़ आंतरिक कान (Inner Ear) में होती है।

आंतरिक कान में एक संतुलन प्रणाली होती है। इसमें तीन अर्धवृत्ताकार नलियाँ (Semicircular Canals) होती हैं — जो द्रव से भरी होती हैं। इन नलियों में जब द्रव हिलता है, तो दिमाग को पता चलता है कि सिर किस दिशा में मुड़ा।

अब — इन नलियों के पास एक थैली होती है जिसमें कैल्शियम के छोटे क्रिस्टल होते हैं। इन्हें ओटोकोनिया (Otoconia) कहते हैं। जब ये क्रिस्टल टूटकर नलियों में आ जाते हैं — तब सिर हिलाने पर द्रव गलत तरीके से हिलता है। दिमाग को गलत संकेत जाता है। और चक्कर आता है।

किसे होता है यह?

क्या महसूस होता है?

BPPV में चक्कर हमेशा किसी हरकत से जुड़ा होता है:

चक्कर 10 से 60 सेकंड रहता है। फिर खुद रुक जाता है। लेकिन कमज़ोरी और बेचैनी देर तक रह सकती है।

यह BP की बीमारी नहीं है

बहुत से मरीज़ समझते हैं कि चक्कर BP से आता है। लेकिन BPPV में BP बिल्कुल सामान्य रहता है। चक्कर पूरी तरह कान से आता है। BP की दवा से BPPV ठीक नहीं होता।

कान के पत्थर का इलाज

इलाज बहुत सरल है — सिर को एक खास क्रम में घुमाते हैं। इससे कण वापस सही जगह चले जाते हैं। इस प्रक्रिया को Epley Maneuver कहते हैं।

यह प्रक्रिया क्लिनिक में 10-15 मिनट में होती है। कोई दर्द नहीं, कोई सुई नहीं, कोई ऑपरेशन नहीं।

अगर कान की अगली नहर प्रभावित हो — जो दुर्लभ है — तो मैं बैंगलोर मैनुवर (Bangalore Maneuver) करता हूँ। यह मैंने खुद विकसित किया है।

घर पर क्या करें और क्या नहीं

करें:

न करें:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: क्या कान के पत्थर खुद ठीक हो जाते हैं?
उ: कभी-कभी हाँ। लेकिन इसमें महीनों लग सकते हैं। इस दौरान गिरने का खतरा रहता है। इलाज से कुछ ही दिनों में आराम मिलता है।

प्र: क्या BPPV के लिए MRI ज़रूरी है?
उ: आमतौर पर नहीं। Dix-Hallpike जाँच से ही पता चल जाता है। MRI केवल तब कराते हैं जब अन्य कारण संभव हों।

प्र: इलाज के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए?
उ: Maneuver के बाद 24 घंटे ज़्यादा झुकने और करवट बदलने से बचें। अगले दिन से सामान्य काम कर सकते हैं।

प्र: विटामिन D से कान के पत्थर ठीक होते हैं क्या?
उ: विटामिन D BPPV को ठीक नहीं करता। लेकिन कमी हो तो पूरी करने से दोबारा होने की संभावना कम होती है।

प्र: हरदोई में BPPV का इलाज कहाँ होता है?
उ: Prime ENT Center, हरदोई में। यहाँ VNG जाँच की सुविधा भी है और बैंगलोर मैनुवर भी उपलब्ध है।

यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल (MS, DNB, CAMVD) से व्यक्तिगत परामर्श लें। Prime ENT Center, हरदोई — primeentcenter.in

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अगर आपको या आपके परिवार में किसी को चक्कर आने की समस्या है, तो देर न करें। Prime ENT Center, हरदोई में VNG और Stabilometry जाँच की सुविधा उपलब्ध है — Central UP में केवल यहाँ।

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कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी — सभी जिलों से मरीज हरदोई आते हैं।

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यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल से व्यक्तिगत परामर्श लें। Prime ENT Center, नघेटा रोड, हरदोई, UP 241001 | drprateekporwal.com

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