जब मरीज़ कई महीनों से चक्कर से परेशान हों और सामान्य जाँच से कारण न पता चले — तब VNG जाँच की ज़रूरत होती है। यह जाँच बताती है कि आपके संतुलन प्रणाली (Vestibular System)
Prime ENT Center, हरदोई में VNG की सुविधा उपलब्ध है। मध्य उत्तर प्रदेश में — कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, शाहजहाँपुर के बीच — यह सुविधा केवल यहीं है।
Vng जाँच क्या होती है: VNG क्या होती है?
VNG का पूरा नाम है — Videonystagmography (PubMed reference)। हिंदी में इसे नेत्र-गति परीक्षण कह सकते हैं।
इस जाँच में एक खास चश्मा (Goggles) पहनाया जाता है जिसमें इन्फ्रारेड कैमरे लगे होते हैं। ये कैमरे आपकी आँखों की हरकत रिकॉर्ड करते हैं।
संतुलन प्रणाली में गड़बड़ी होने पर आँखें एक खास तरीके से हिलती हैं — इसे Nystagmus कहते हैं। VNG इसी Nystagmus को माप कर बताती है कि कौन सा कान प्रभावित है।
VNG जाँच कैसे होती है?
यह जाँच तीन भागों में होती है:
1. Oculomotor Test — आँखें कैसे हिलती हैं यह देखा जाता है। मरीज़ एक बिंदु को ट्रैक करता है।
2. Positional Test — सिर को अलग-अलग स्थिति में रखकर आँखों की हरकत देखी जाती है। इससे BPPV की पहचान होती है।
3. Caloric Test — कान में हल्का ठंडा और गर्म पानी (या हवा) डाली जाती है। इससे हर कान की संतुलन क्षमता अलग-अलग मापी जाती है।
पूरी जाँच में 45-60 मिनट लगते हैं।
VNG जाँच से पहले क्या करें?
- जाँच से 48 घंटे पहले चक्कर की दवाएँ बंद करें — Betahistine, प्रोक्लोरपेराज़ीन (उल्टी-रोधी दवा), बीटाहिस्टीन। (दवा बंद करने से पहले डॉक्टर से पूछें।)
- शराब 48 घंटे पहले से बंद।
- आँखों में मेकअप न करें।
- हल्का खाना खाकर आएँ।
- घर से कोई साथ लाएँ — जाँच के बाद गाड़ी न चलाएँ।
VNG से क्या पता चलता है?
- कौन सा कान कमज़ोर है।
- BPPV है या नहीं।
- वेस्टिबुलर न्यूराइटिस (Vestibular Neuritis)।
- मेनियर्स रोग के संकेत।
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Brain) की समस्या।
VNG किसके लिए ज़रूरी है?
- जिन्हें लंबे समय से चक्कर है।
- जिनका पहले इलाज हो चुका लेकिन फर्क नहीं पड़ा।
- जिनमें दोनों कानों की जाँच ज़रूरी हो।
- जिनमें BPPV के अलावा अन्य कारण संदिग्ध हों।
क्या VNG से दर्द होता है?
नहीं। VNG बिल्कुल दर्दरहित है। Caloric Test में कान में पानी या हवा डालने से थोड़ी देर के लिए चक्कर जैसा महसूस हो सकता है — यह सामान्य है और कुछ ही मिनटों में ठीक हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्र: VNG जाँच कितने समय में होती है?
उ: 45 से 60 मिनट। रिपोर्ट उसी दिन मिलती है।
प्र: क्या हरदोई में VNG जाँच उपलब्ध है?
उ: हाँ। Prime ENT Center, हरदोई में VNG की सुविधा है। यह मध्य उत्तर प्रदेश में केवल यहीं उपलब्ध है।
प्र: VNG और MRI में क्या अंतर है?
उ: MRI दिमाग की संरचना दिखाता है। VNG संतुलन प्रणाली का कार्य दिखाता है। दोनों अलग-अलग चीज़ें मापते हैं। चक्कर में VNG पहले करना बेहतर है।
प्र: VNG जाँच से पहले दवा क्यों बंद करनी होती है?
उ: चक्कर की दवाएँ आँखों की हरकत को प्रभावित करती हैं। दवा लेने पर जाँच के परिणाम सही नहीं आते।
प्र: VNG के बाद क्या करना चाहिए?
उ: जाँच के बाद थोड़ी देर क्लिनिक में बैठें। गाड़ी न चलाएँ। घर से किसी को साथ लाएँ।
और पढ़ें
- BPPV क्या है — पूरी जानकारी
- Epley Maneuver — BPPV का इलाज
- VNG जाँच — चक्कर की सटीक पहचान
- Vestibular Rehabilitation Therapy
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अगर आपको या आपके परिवार में किसी को चक्कर आने की समस्या है, तो देर न करें। Prime ENT Center, हरदोई में VNG और Stabilometry जाँच की सुविधा उपलब्ध है — Central UP में केवल यहाँ।
📞 अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें: 7393062200 (WhatsApp/Call)
कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी — सभी जिलों से मरीज हरदोई आते हैं।
ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है — पूरे भारत के मरीजों के लिए।
VNG जाँच में क्या-क्या होता है?
VNG जाँच में तीन मुख्य भाग होते हैं। पूरी जाँच में लगभग 45-60 मिनट लगते हैं।
1. Oculomotor Testing: आपको एक स्क्रीन पर चलती हुई बत्ती देखनी होती है। इससे पता चलता है कि आपकी आँखें ठीक से ट्रैक कर रही हैं या नहीं।
2. Positional Testing: आपको अलग-अलग करवटों में लिटाया जाता है — बिल्कुल डिक्स-हॉलपाइक जैसे। VNG गॉगल पहने होने से आँखों की हर हरकत रिकॉर्ड होती है।
3. Caloric Testing: कान में गर्म और ठंडी हवा डाली जाती है। इससे दोनों कानों की संतुलन शक्ति की तुलना होती है। अगर एक कान कमज़ोर है — यहाँ पता चल जाता है।
मैं अपने हर जटिल चक्कर के मरीज़ पर VNG करता हूँ। इसके बिना कई बार सही निदान मुश्किल होता है।
VNG से पहले क्या तैयारी करें?
- जाँच से 48 घंटे पहले चक्कर की दवाएँ बंद करें (प्रोक्लोरपेराज़ीन (उल्टी-रोधी दवा), बीटाहिस्टीन, Meclizine)। दवा बंद करने से पहले डॉक्टर से पूछें।
- जाँच से 24 घंटे पहले शराब न पिएँ।
- आई मेकअप या काजल न लगाएँ — गॉगल ठीक से बैठने चाहिए।
- हल्का नाश्ता करके आएँ। खाली पेट न आएँ।
- चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस साथ लाएँ।
VNG रिपोर्ट में क्या आता है?
VNG रिपोर्ट से पता चलता है:
- कौन सा कान कमज़ोर है (दायाँ या बायाँ)।
- कितनी कमज़ोरी है — प्रतिशत में।
- Central (दिमाग) की कोई समस्या तो नहीं।
- BPPV किस नहर में है।
कन्नौज से एक मरीज़ आए थे — 6 महीने से चक्कर, तीन डॉक्टर बदले, MRI भी करवा लिया। VNG में पता चला बायें कान में 42% कमज़ोरी। Vestibular Neuritis था। सही इलाज शुरू हुआ और 6 हफ्ते में बहुत बेहतर।
VNG और MRI में क्या फ़र्क है?
MRI दिमाग की तस्वीर दिखाता है — Stroke या Tumor देखने के लिए। लेकिन कान की संतुलन प्रणाली MRI में नहीं दिखती।
VNG कान के काम करने का तरीका जाँचता है — यह functional test है। MRI structural test है।
अक्सर मरीज़ 15-20 हज़ार का MRI करवा लेते हैं — जो सामान्य आता है। VNG करवाते तो पहले ही पता चल जाता।
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल से Prime ENT Center, हरदोई में परामर्श लें या 7393062200 पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। वेबसाइट: drprateekporwal.com

