मेनियर्स रोग (Meniere’s Disease) की पहचान तीन चीज़ों से होती है — अचानक तेज़ चक्कर, सुनने में कमी, और कान में भारीपन या आवाज़। ये तीनों एक साथ आते हैं।
यह बीमारी BPPV से बिल्कुल अलग है। BPPV में सुनाई ठीक रहता है। मेनियर्स में सुनाई प्रभावित होती है।
मेनियर्स रोग क्या है?
आंतरिक कान में एक तरल पदार्थ (Endolymph) भरा होता है। जब इस तरल का दबाव असामान्य रूप से बढ़ जाता है — तो कान की संरचना पर दबाव पड़ता है। इससे दौरे (Episodes) आते हैं।
प्रत्येक दौरे में:
- 20 मिनट से कई घंटे तक चक्कर।
- प्रभावित कान में सुनाई कम होना।
- कान में आवाज़ (Tinnitus)।
- कान में भारीपन या दबाव।
दौरे के बाद ये लक्षण ठीक हो सकते हैं — लेकिन बार-बार दौरों से सुनाई की कमी स्थायी हो सकती है।
मेनियर्स का कारण
सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लेकिन कुछ कारक ज़िम्मेदार माने जाते हैं:
- अत्यधिक नमक (Salt) का सेवन।
- ऑटोइम्यून समस्याएँ।
- एलर्जी।
- तनाव।
- माइग्रेन।
- पारिवारिक इतिहास।
मेनियर्स की पहचान कैसे होती है?
निदान के लिए:
- Audiometry — सुनाई की जाँच।
- VNG — संतुलन प्रणाली की जाँच।
- ECoG (Electrocochleography) — कान का दबाव मापना।
कम से कम दो दौरे, Audiometry में बदलाव, और अन्य कारण रद्द होने पर मेनियर्स का निदान होता है।
मेनियर्स का इलाज
खान-पान में बदलाव:
- नमक कम करें — प्रतिदिन 1500-2000 mg से कम।
- कैफीन (चाय, कॉफी) कम करें।
- शराब बंद।
- पानी भरपूर पिएँ।
दवाएँ:
- Betahistine — कान का दबाव कम करने में मदद।
- Diuretics — अतिरिक्त तरल कम करने के लिए।
- दौरे में मतली-उल्टी की दवाएँ।
इंजेक्शन थेरेपी:
गंभीर मामलों में कान में Steroid या Gentamicin का इंजेक्शन दिया जाता है।
मेनियर्स में जीवनशैली
तनाव कम करें। नींद पूरी लें। नमक कम करना सबसे ज़रूरी है। वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन (VRT) संतुलन बेहतर रखने में मदद करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्र: क्या मेनियर्स रोग ठीक होता है?
उ: पूरी तरह ठीक होना मुश्किल है, लेकिन दौरों को काफी कम किया जा सकता है। सही इलाज से 80-85% मरीज़ों में दौरे नियंत्रित होते हैं।
प्र: क्या सुनाई वापस आता है?
उ: शुरुआती दौरों में सुनाई वापस आ सकती है। लंबे समय में बार-बार दौरों से सुनाई की कमी स्थायी हो सकती है।
प्र: BPPV और मेनियर्स में फर्क कैसे पता करें?
उ: BPPV में सुनाई ठीक रहती है, चक्कर सिर हिलाने पर 10-60 सेकंड। मेनियर्स में सुनाई प्रभावित होती है, चक्कर घंटों।
प्र: क्या मेनियर्स में ऑपरेशन होता है?
उ: बहुत कम मामलों में। जब दवाएँ काम न करें और दौरे रुकें नहीं। पहले सभी गैर-शल्य विकल्प आज़माए जाते हैं।
प्र: क्या नमक कम करने से सच में फर्क पड़ता है?
उ: हाँ। यह सबसे आसान और प्रभावी बदलाव है। नमक कम करने से कान का तरल दबाव कम होता है और दौरे कम आते हैं।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल (MS, DNB, CAMVD) से व्यक्तिगत परामर्श लें। Prime ENT Center, हरदोई — primeentcenter.in
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