मरीज़ अक्सर पूछते हैं — “डॉक्टर साहब, चक्कर में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं?” यह सवाल बहुत ज़रूरी है। सही खान-पान से चक्कर के दौरे कम हो सकते हैं। चक्कर में खान- आज हम चक्कर में खान-पान के बारे में बात करेंगे।

यह गाइड खासतौर पर मेनियर्स रोग और वेस्टिबुलर माइग्रेन के मरीज़ों के लिए उपयोगी है। BPPV में खान-पान सीधे असर नहीं डालता — लेकिन विटामिन D ज़रूर ध्यान रखें।

मेनियर्स में नमक की मात्रा

मेनियर्स रोग में नमक कम करना सबसे ज़रूरी है (PubMed reference)। नमक शरीर में पानी रोकता है — जिससे कान में तरल दबाव बढ़ता है।

रोज़ाना 1500-2000 mg से कम नमक लें।

कम करें:

कैफीन से बचें

चाय और कॉफी में कैफीन होता है। कैफीन रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है और कान में दबाव बढ़ा सकता है।

प्रतिदिन 1 कप से ज़्यादा चाय/कॉफी से बचें। ग्रीन टी बेहतर विकल्प है — इसमें कैफीन कम होता है।

पानी भरपूर पिएँ

निर्जलीकरण (Dehydration) चक्कर बढ़ा सकती है। रोज़ाना 8-10 गिलास पानी पिएँ। गर्मियों में ज़्यादा।

एक बार में ज़्यादा न पिएँ — थोड़ा-थोड़ा पूरे दिन पिएँ।

माइग्रेन वाले चक्कर में क्या बचाएँ?

वेस्टिबुलर माइग्रेन में कुछ खाद्य पदार्थ दौरे को ट्रिगर कर सकते हैं:

BPPV में विटामिन D का महत्व

शोध बताता है कि विटामिन D की कमी वाले लोगों में BPPV दोबारा होने की संभावना अधिक होती है। विटामिन D कैल्शियम क्रिस्टल को मज़बूत रखता है।

विटामिन D के स्रोत:

क्या खाना चाहिए?

खाने का समय भी मायने रखता है

खाना समय पर लें। भूखे रहने से Blood sugar गिरती है — जो चक्कर बढ़ा सकती है।

रात को देर से बड़ा भोजन न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: क्या चक्कर में चाय बंद करनी होगी?
उ: पूरी तरह बंद नहीं — 1 कप तक ठीक है। लेकिन 3-4 कप रोज़ पीते हैं तो कम करें। मेनियर्स में ज़्यादा ज़रूरी है।

प्र: क्या BPPV में भी खान-पान का ध्यान रखना चाहिए?
उ: BPPV में खाने से सीधा असर नहीं पड़ता। लेकिन विटामिन D ज़रूर लें। और पानी भरपूर पिएँ।

प्र: क्या मेनियर्स में नमक पूरी तरह बंद करना होगा?
उ: पूरी तरह बंद नहीं — शरीर को नमक चाहिए। सीमित मात्रा — 1500-2000 mg रोज़। बाहर का खाना कम करें।

प्र: Magnesium Supplement लेना चाहिए?
उ: माइग्रेन वाले चक्कर में Magnesium Supplement कभी-कभी मदद करता है। डॉक्टर की सलाह के बाद लें।

प्र: क्या शराब से चक्कर बढ़ता है?
उ: हाँ। शराब आंतरिक कान के तरल को प्रभावित करती है। मेनियर्स और वेस्टिबुलर माइग्रेन में पूरी तरह बचें।

और पढ़ें


परामर्श के लिए संपर्क करें

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को चक्कर आने की समस्या है, तो देर न करें। Prime ENT Center, हरदोई में VNG और Stabilometry जाँच की सुविधा उपलब्ध है — Central UP में केवल यहाँ।

📞 अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें: 7393062200 (WhatsApp/Call)

कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी — सभी जिलों से मरीज हरदोई आते हैं।

ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है — पूरे भारत के मरीजों के लिए।

Vitamin D और चक्कर का संबंध

Vitamin D की कमी से BPPV होने और दोबारा होने का खतरा बढ़ता है। UP में Vitamin D की कमी बहुत आम है — खासकर महिलाओं में।

रोज़ाना 20-30 मिनट धूप लें — सुबह 10 बजे से पहले। और Vitamin D लेवल जाँच करवाएँ। अगर 30 से नीचे है — supplement लेना ज़रूरी है।

मैं अपने हर BPPV मरीज़ का Vitamin D चेक करता हूँ। और कमी होने पर 60,000 IU weekly supplement देता हूँ — 8-12 हफ्ते तक।

UP के मरीज़ों के लिए खास सलाह

UP में खान-पान में अचार, पापड़, और तला-भुना बहुत होता है। मेनियर्स के मरीज़ों के लिए यह समस्या है। कुछ सुझाव:

क्या शराब और चाय-कॉफ़ी से चक्कर बढ़ता है?

शराब — हाँ। शराब सीधे inner ear को प्रभावित करती है। Vestibular Migraine और मेनियर्स दोनों में शराब trigger है। BPPV में सीधा असर नहीं — लेकिन नशे में गिरने का खतरा बढ़ता है।

चाय-कॉफ़ी — moderate मात्रा ठीक है। लेकिन दिन में 3-4 कप से ज़्यादा Vestibular Migraine trigger कर सकती है।

पानी ज़रूर पिएँ — dehydration से भी चक्कर आता है। दिन में 8-10 गिलास।

यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल से Prime ENT Center, हरदोई में परामर्श लें या 7393062200 पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। वेबसाइट: drprateekporwal.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *