नोट: इस लेख में दवाओं के नाम केवल शैक्षणिक उद्देश्य से दिए गए हैं। कोई भी दवा अपने डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। खुराक और अवधि आपकी व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करती है।

एक मरीज़ आए थे — कह रहे थे “डॉक्टर साहब, कल रात तक ठीक था, सुबह उठा तो लगा जैसे सब कुछ घूम रहा है। खड़ा नहीं हो पा रहा था।”

यह बीमारी अचानक आती है और बहुत डरावनी लगती है। लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं — यह गंभीर नहीं है और इसका इलाज होता है।

वेस्टिबुलर न्यूराइटिस चक्कर: वेस्टिबुलर न्यूराइटिस क्या है?

हमारे कान से दिमाग तक एक तंत्रिका (Nerve) जाती है — जिसे वेस्टिबुलर तंत्रिका (Vestibular Nerve) कहते हैं (PubMed reference)। यह तंत्रिका संतुलन के संकेत दिमाग तक पहुँचाती है।

जब किसी वायरस के संक्रमण से यह तंत्रिका सूज जाती है — तब संकेत ठीक से नहीं जाते। इसी से अचानक तेज़ चक्कर आता है। इसे वेस्टिबुलर न्यूराइटिस (Vestibular Neuritis) कहते हैं।

कारण

ज़्यादातर मामलों में वायरस ज़िम्मेदार होता है — जैसे Herpes Simplex Virus। यही वायरस सर्दी-ज़ुकाम भी करता है। इसीलिए अक्सर यह बीमारी सर्दी या वायरल बुखार के बाद आती है।

लक्षण

  • अचानक, तेज़ चक्कर — कुछ घंटों से कुछ दिनों तक।
  • मतली और उल्टी।
  • चलने में परेशानी — खड़े रहना मुश्किल।
  • सुनने में कोई कमी नहीं।
  • कान में आवाज़ नहीं।

BPPV से यह इसलिए अलग है — BPPV में चक्कर केवल सिर हिलाने पर आता है और कुछ सेकंड में रुकता है। वेस्टिबुलर न्यूराइटिस में चक्कर लगातार रहता है।

इलाज

इलाज दो चरणों में होता है:

पहला चरण (तीव्र अवस्था में):

  • मतली-उल्टी के लिए दवाएँ।
  • Steroids — तंत्रिका की सूजन कम करने के लिए।
  • आराम — लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं।

दूसरा चरण (रिकवरी में):

  • वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थेरेपी (VRT) — यह सबसे ज़रूरी है।
  • विशेष व्यायाम जो दिमाग को दोबारा सिखाते हैं कि संतुलन कैसे बनाए।

ठीक होने में कितना समय लगता है?

तेज़ चक्कर 3-5 दिनों में कम होता है। लेकिन पूरी तरह ठीक होने में 4-6 हफ्ते लग सकते हैं। VRT से यह समय कम होता है।

कुछ मरीज़ों में हल्का असंतुलन महीनों तक रह सकता है। VRT से यह भी ठीक होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: क्या वेस्टिबुलर न्यूराइटिस दोबारा होता है?
उ: बहुत कम — लगभग 5% मरीज़ों में दोबारा होता है। ज़्यादातर मरीज़ एक ही बार के इलाज से ठीक हो जाते हैं।

प्र: क्या यह दिमाग की बीमारी है?
उ: नहीं। यह कान की तंत्रिका की बीमारी है। दिमाग ठीक रहता है। लेकिन शुरुआत में लक्षण डराने वाले लग सकते हैं।

प्र: VRT क्या होती है?
उ: वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थेरेपी — विशेष व्यायामों का क्रम जो दिमाग को दोबारा संतुलन बनाना सिखाता है। Prime ENT Center में यह सुविधा उपलब्ध है।

प्र: Betahistine (बीटाहिस्टीन) लेना चाहिए?
उ: तीव्र अवस्था में यह कुछ हद तक लक्षण कम करती है। लेकिन लंबे समय तक लेने से रिकवरी धीमी होती है। VRT अधिक प्रभावी है।

प्र: कब डॉक्टर को तुरंत दिखाएँ?
उ: अगर चक्कर के साथ दोहरी दृष्टि, बोलने में दिक्कत, या हाथ-पैर में कमज़ोरी हो — तुरंत आपातकालीन विभाग जाएँ। यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।

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परामर्श के लिए संपर्क करें

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को चक्कर आने की समस्या है, तो देर न करें। Prime ENT Center, हरदोई में VNG और Stabilometry जाँच की सुविधा उपलब्ध है — Central UP में केवल यहाँ।

📞 अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें: 7393062200 (WhatsApp/Call)

कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी — सभी जिलों से मरीज हरदोई आते हैं।

ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है — पूरे भारत के मरीजों के लिए।

वेस्टिबुलर न्यूराइटिस और लेबिरिन्थाइटिस में फ़र्क

दोनों वायरस से होती हैं। लेकिन न्यूराइटिस में सिर्फ चक्कर आता है — सुनाई ठीक रहती है। लेबिरिन्थाइटिस में चक्कर के साथ सुनने में भी कमी आती है।

इलाज दोनों का लगभग एक जैसा है — लेकिन लेबिरिन्थाइटिस में सुनवाई की जाँच भी ज़रूरी होती है।

इलाज कैसे होता है?

पहले 2-3 दिन सबसे खराब होते हैं। इस दौरान:

  • चक्कर रोकने की दवाएँ दी जाती हैं — Prochlorperazine, Dimenhydrinate।
  • उल्टी रोकने की दवा — Ondansetron।
  • कुछ मामलों में Steroids — अगर 3 दिन के अंदर शुरू किया जाए।

लेकिन सबसे ज़रूरी है — 3 दिन बाद दवाएँ कम करना और Vestibular Rehabilitation शुरू करना। दवाएँ ज़्यादा दिन खाने से Recovery रुक जाती है।

मैं अपने मरीज़ों को तीसरे दिन से ही हल्की exercises शुरू करवाता हूँ। शुरू में बहुत मुश्किल लगती हैं — लेकिन धीरे-धीरे दिमाग adjust करता है।

Recovery में कितना समय लगता है?

ज़्यादातर मरीज़ 4-6 हफ्ते में काफी बेहतर हो जाते हैं। लेकिन पूरी Recovery 3-6 महीने ले सकती है।

कुछ मरीज़ों में एक कान स्थायी रूप से कमज़ोर रह जाता है — VNG से इसका पता चलता है। लेकिन दिमाग दूसरे कान से compensate कर लेता है।

सीतापुर से एक 45 साल के मरीज़ आए थे — 10 दिन पहले अचानक तेज़ चक्कर, चल नहीं पा रहे थे। VNG में Right Vestibular Hypofunction 65% मिला। Steroids + Rehabilitation शुरू किया। 6 हफ्ते बाद वापस काम पर लौट गए।

क्या वेस्टिबुलर न्यूराइटिस दोबारा होता है?

बहुत कम — 2-5% मामलों में। लेकिन अगर पहली बार में सही इलाज न हो तो chronic imbalance रह सकता है। इसीलिए जल्दी diagnosis और Rehabilitation दोनों ज़रूरी हैं।

यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल से Prime ENT Center, हरदोई में परामर्श लें या 7393062200 पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। वेबसाइट: drprateekporwal.com

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Dr. Prateek Porwal

Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB ENT, CAMVD) is a vertigo and BPPV specialist at Prime ENT Center, Nagheta Road, Hardoi, UP 241001. Inventor of the Bangalore Maneuver. Only VNG + Stabilometry setup in Central UP. Online consultations available across India — call/WhatsApp 7393062200.