अगर आपको एक ही चीज़ की दो तस्वीरें दिख रही हैं और साथ में चक्कर भी आ रहे हैं, तो यह बहुत ही परेशान करने वाली स्थिति हो सकती है। यह दोहरा दिखना और चक्कर आना आपकी रोज़मर्रा की गतिविधियों, जैसे चलने-फिरने, पढ़ने या गाड़ी चलाने को बहुत मुश्किल बना सकता है। क्लिनिक में ऐसे कई मरीज़ आते हैं जो बताते हैं कि इन लक्षणों की वजह से उन्हें बहुत घबराहट होती है और वे अपना संतुलन खोने लगते हैं।
डॉक्टरी भाषा में इसे डिप्लोपिया और वर्टिगो का मेल कहते हैं, और यह अक्सर दिमाग से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
अभी क्या करें
- घर पर राहत: अगर आपको अचानक दोहरा दिखना और चक्कर आना शुरू हो जाए, तो तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर बैठ जाएं या लेट जाएं। अपनी आँखों पर एक अस्थायी पैच लगा सकते हैं, इससे दोहरा दिखना कम होगा और चक्कर में भी थोड़ी राहत मिल सकती है। घबराएं नहीं, शांत रहने की कोशिश करें।
- डॉक्टर को दिखाएं: अगर आपको दोहरा दिखना और चक्कर आने के साथ कोई और लक्षण नहीं है, फिर भी आपको उसी दिन किसी ENT specialist या न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए। यह लक्षण अपने आप ठीक होने वाले नहीं होते और इन्हें नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है।
- तुरंत जाएं: अगर इन लक्षणों के साथ आपको अचानक कमज़ोरी, बोलने में बदलाव, चेहरे का एक तरफ लटकना, निगलने में दिक्कत, या सिर के पिछले हिस्से में तेज़ दर्द हो, तो बिना एक पल भी गंवाए तुरंत इमरजेंसी में जाएं। यह स्ट्रोक या दिमाग की किसी और गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
Double vision with vertigo vertigo से शुरुआती राहत
जब आपको अचानक दोहरा दिखना और चक्कर आना शुरू हो, तो सबसे पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना ज़रूरी है। यह कोई सामान्य कान की समस्या नहीं है, इसलिए घर पर तेल डालना या कोई और नुस्खा आज़माना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मेरे अनुभव में, लोग अक्सर ऐसी स्थिति में घबरा जाते हैं और कुछ भी करने लगते हैं, पर सही जानकारी बहुत ज़रूरी है।
सबसे पहले, अगर आप गाड़ी चला रहे हैं या किसी मशीन के पास हैं, तो तुरंत रुक जाएं। दोहरा दिखना आपकी देखने की क्षमता को बहुत कम कर देता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। एक आँख पर अस्थायी रूप से पैच लगाने से आपको एक चीज़ साफ दिख सकती है, जिससे चक्कर और मतली में थोड़ी राहत मिल सकती है।
यह सिर्फ एक अस्थायी उपाय है जब तक आप डॉक्टर के पास नहीं पहुँच जाते। अगर आप पहले से खून पतला करने वाली कोई दवाई ले रहे हैं, तो उसे डॉक्टर की सलाह के बिना बिल्कुल न रोकें, जब तक कि डॉक्टर आपको ऐसा करने को न कहें।
तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। अगर आपको दोहरा दिखना और चक्कर आने के साथ इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
- अचानक नया दोहरा दिखना और चक्कर आना: यह दिमाग के पिछले हिस्से में स्ट्रोक का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। समय पर इलाज से दिमाग को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
- नई कमज़ोरी, बोलने में बदलाव, चेहरे का एक तरफ लटकना, निगलने में कठिनाई: ये सभी स्ट्रोक के क्लासिक लक्षण हैं। अगर आपको ये लक्षण दिखें, तो एक पल भी बर्बाद न करें।
- सिर के पिछले हिस्से में तेज़ दर्द: यह दिमाग के पिछले हिस्से में खून बहने या स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। यह दर्द बहुत गंभीर और अचानक शुरू होता है।
- तीसरी नस की कमज़ोरी के साथ पुतली का फैलना: यह दिमाग में एक गंभीर एन्यूरिज्म का संकेत हो सकता है, जो जानलेवा हो सकता है।
- बुज़ुर्गों में नए सिरे से दोहरा दिखना और देखने की क्षमता में कमी: यह ‘जायंट सेल आर्टेराइटिस’ (giant cell arteritis) नामक एक गंभीर सूजन वाली बीमारी का संकेत हो सकता है, जिससे स्थायी अंधापन हो सकता है।
जब आपको दोहरा दिखना और चक्कर आना एक साथ महसूस होता है, तो इसके कई अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं जो दिमाग की समस्या की ओर इशारा करते हैं। यह सिर्फ आँखों या कान की समस्या से कहीं ज़्यादा गंभीर हो सकता है।
- एक चीज़ की दो तस्वीरें दिखना: आपको एक ही वस्तु की दो छवियां दिख सकती हैं, जो अगल-बगल, एक के ऊपर एक, या किसी कोण पर हो सकती हैं। यह आँखों के सही तालमेल में न होने के कारण होता है।
- एक आँख बंद करने पर दोहरा दिखना बंद हो जाना: अगर आप एक आँख बंद करते ही दोहरा दिखना बंद हो जाता है, तो इसे ‘बाइनोक्युलर डिप्लोपिया’ कहते हैं। यह आमतौर पर आँखों के तालमेल में गड़बड़ी का संकेत है।
- ऊर्ध्वाधर misalignment: आपकी दोनों आँखें एक सीधी रेखा में नहीं दिखतीं, एक आँख दूसरी से थोड़ी ऊपर या नीचे हो सकती है। यह दिमाग के संतुलन पथ में असंतुलन के कारण होता है।
- शाम तक दोहरा दिखना ज़्यादा खराब होना: कुछ लोगों में, खासकर ‘मायस्थेनिया ग्रेविस’ (myasthenia gravis) जैसी मांसपेशियों की कमज़ोरी वाली बीमारी में, दिन के अंत तक या थकान होने पर दोहरा दिखना बढ़ जाता है।
- दर्द के साथ तीसरी नस की कमज़ोरी और पुतली का फैलना: यह एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक लक्षण है जहाँ आँख को हिलाने वाली नस में दर्द होता है और आँख की पुतली भी फैल जाती है। यह दिमाग की रक्त वाहिका में एन्यूरिज्म का संकेत हो सकता है।
- चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना: दोहरा दिखने के साथ-साथ आपको चक्कर आ सकते हैं, ऐसा महसूस हो सकता है कि आप डगमगा रहे हैं, या आपका संतुलन बिगड़ रहा है। यह दिमाग के उन हिस्सों में समस्या का संकेत है जो आँखों की गति और संतुलन दोनों को नियंत्रित करते हैं।
जब आपको दोहरा दिखना और चक्कर आना दोनों एक साथ होते हैं, तो यह आमतौर पर दिमाग के उन हिस्सों में समस्या का संकेत होता है जो आपकी आँखों की गतिविधियों और संतुलन को नियंत्रित करते हैं। कान के अंदरूनी हिस्से की समस्याएँ, जिनसे अक्सर चक्कर आते हैं, शायद ही कभी सही मायने में दोहरा दिखने का कारण बनती हैं।
- ब्रेनस्टेम स्ट्रोक या TIA: यह सबसे महत्वपूर्ण और आम कारण है, खासकर मध्यम आयु वर्ग या बुज़ुर्ग मरीज़ों में जिन्हें उच्च रक्तचाप या मधुमेह जैसे जोखिम कारक हैं। ब्रेनस्टेम दिमाग का वह हिस्सा है जो आँखों की गति और संतुलन दोनों को नियंत्रित करता है।
- स्क्यू डेविएशन या ऑक्युलर टिल्ट रिएक्शन: यह दिमाग के संतुलन पथ में असंतुलन के कारण होता है, जिससे आँखें एक सीधी रेखा में नहीं दिखतीं और साथ में चक्कर भी आते हैं।
- इंटरन्यूक्लियर ऑप्थाल्मोप्लेजिया (INO): यह दिमाग के अंदर एक खास तंत्रिका पथ में समस्या के कारण होता है, जिससे आँखें एक साथ सही ढंग से नहीं चल पातीं और चक्कर भी आ सकते हैं।
- वेस्टिबुलर माइग्रेन: कुछ मामलों में, माइग्रेन के ऑरा चरण के दौरान अस्थायी रूप से दोहरा दिखना और चक्कर आ सकते हैं।
- मायस्थेनिया ग्रेविस: यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें मांसपेशियों में कमज़ोरी आ जाती है, जिससे आँखों की मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है और दोहरा दिखना शुरू हो सकता है, खासकर थकान होने पर।
- क्रेनियल नर्व पाल्सी (III, IV, VI): दिमाग से निकलने वाली ये नसें आँखों की गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एन्यूरिज्म या ट्यूमर जैसी स्थितियों के कारण इन नसों में कमज़ोरी आ सकती है, जिससे दोहरा दिखना शुरू हो सकता है।
जांच और निदान
जब आप क्लिनिक में दोहरा दिखने और चक्कर आने की समस्या के साथ आते हैं, तो मेरा पहला काम यह पता लगाना होता है कि इसका कारण क्या है। यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है, इसलिए हम कोई कसर नहीं छोड़ते।
सबसे पहले, मैं आपसे आपके लक्षणों के बारे में विस्तार से पूछूंगा — कब शुरू हुए, कैसे महसूस होते हैं, क्या कोई और लक्षण हैं। इसके बाद, मैं आपकी आँखों की गतिविधियों और संतुलन की पूरी जांच करूंगा। इसमें ‘कवर-अनकवर टेस्ट’ (cover-uncover test) जैसे परीक्षण शामिल हैं, जिनसे यह पता चलता है कि दोहरा दिखना एक आँख से है या दोनों से, और आँखों का तालमेल कैसा है।
हम ‘HINTS’ (Head Impulse, Nystagmus, Test of Skew) नामक एक बिस्तर के पास की जांच भी करते हैं, जो स्ट्रोक का पता लगाने में शुरुआती MRI से भी ज़्यादा प्रभावी हो सकता है। मैं आपकी सभी क्रेनियल नसों की जांच करूंगा, खासकर वे जो आँखों की गति को नियंत्रित करती हैं।
कारण का पता लगाने के लिए, हमें अक्सर दिमाग की इमेजिंग की ज़रूरत होती है। हालांकि CT स्कैन जल्दी हो जाता है, पर यह शुरुआती स्ट्रोक को, खासकर दिमाग के पिछले हिस्से में, ज़्यादातर तक मामलों में पकड़ नहीं पाता। इसलिए, हम अक्सर ‘डिफ्यूजन सीक्वेंस’ के साथ MRI ब्रेन और दिमाग के पिछले हिस्से की रक्त वाहिकाओं का MR एंजियोग्राफी करवाते हैं।
यह स्ट्रोक जैसी समस्याओं का पता लगाने में कहीं बेहतर होता है। हम रक्तचाप, ECG, ग्लूकोज़, ESR/CRP जैसे रक्त परीक्षण भी करवा सकते हैं, ताकि मधुमेह, उच्च रक्तचाप या ‘जायंट सेल आर्टेराइटिस’ जैसे जोखिम कारकों की जांच की जा सके। अगर ज़रूरी हुआ, तो ‘मल्टीपल स्क्लेरोसिस’ (MS) या ‘वर्निके एन्सेफेलोपैथी’ (Wernicke’s encephalopathy) जैसी स्थितियों की जांच के लिए और भी विशिष्ट परीक्षण किए जा सकते हैं। इन सभी जांचों से हमें सही निदान तक पहुंचने में मदद मिलती है, ताकि हम सबसे अच्छा इलाज शुरू कर सकें।
इलाज के विकल्प
दोहरा दिखने और चक्कर आने का इलाज मुख्य रूप से इसके अंदरूनी कारण पर निर्भर करता है। चूंकि यह अक्सर दिमाग से जुड़ी एक गंभीर समस्या का संकेत होता है, इसलिए इलाज तुरंत और सटीक होना चाहिए।
डॉक्टर का इलाज
अगर स्ट्रोक का संदेह है, तो आपको तुरंत आपातकालीन देखभाल की ज़रूरत पड़ सकती है। इसमें दिमाग में रक्त प्रवाह को बहाल करने के लिए ‘थ्रोम्बोलिसिस’ (खून के थक्के घोलने वाली दवाइयां) या ‘थ्रोम्बेक्टोमी’ (थक्का हटाने की प्रक्रिया) जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं, खासकर अगर आप समय पर अस्पताल पहुँच जाएं। अगर कारण ‘मल्टीपल स्क्लेरोसिस’ जैसी कोई ऑटोइम्यून बीमारी है, तो डॉक्टर ‘इम्यूनोमॉड्यूलेशन’ दवाएं दे सकते हैं।
एन्यूरिज्म या ट्यूमर जैसे मामलों में सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है। ‘जायंट सेल आर्टेराइटिस’ जैसी सूजन वाली स्थितियों के लिए, डॉक्टर ज़्यादा डोज़ वाली कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवा दे सकते हैं। अगर ‘वर्निके एन्सेफेलोपैथी’ का संदेह है, तो थियामिन सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं, खासकर ग्लूकोज़ देने से पहले।
सर्जरी कब?
सर्जरी की ज़रूरत तब पड़ती है जब दोहरा दिखने और चक्कर आने का कारण कोई ऐसी संरचनात्मक समस्या हो जिसे दवाइयों से ठीक नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए, अगर दिमाग में कोई ट्यूमर है जो नसों पर दबाव डाल रहा है, तो उसे हटाने के लिए सर्जरी की जा सकती है। इसी तरह, अगर दिमाग की रक्त वाहिका में कोई एन्यूरिज्म है जो फट सकता है, तो उसे क्लिप करने के लिए सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है।
सर्जरी का निर्णय बहुत सावधानी से लिया जाता है और यह मरीज़ की स्थिति और कारण पर निर्भर करता है।
घर पर क्या करें, क्या न करें?
जब आपको दोहरा दिखना और चक्कर आना एक साथ महसूस हो, तो घर पर कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। सही कदम उठाने से आप अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं और स्थिति को बिगड़ने से बचा सकते हैं।
क्या करें
- तुरंत इमरजेंसी में जाएं: अगर आपको अचानक दोहरा दिखना और चक्कर आना शुरू हो जाए, तो बिना देर किए उसी दिन इमरजेंसी में जाएं। यह स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है, और समय पर इलाज दिमाग को बचा सकता है।
- गाड़ी चलाने से बचें: नए सिरे से दोहरा दिखने पर गाड़ी चलाना बहुत खतरनाक हो सकता है। यह आपकी देखने और दूरी का अंदाज़ा लगाने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
- अस्थायी आई पैच का उपयोग करें: जब तक आप डॉक्टर के पास नहीं पहुँच जाते, तब तक किसी भी एक आँख पर एक अस्थायी आई पैच लगा सकते हैं। इससे दोहरा दिखना बंद हो जाएगा और चक्कर या मतली में थोड़ी राहत मिल सकती है।
- अपनी दवाएं जारी रखें: अगर आप पहले से खून पतला करने वाली या किसी और बीमारी की दवाएं ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना उन्हें बंद न करें।
क्या न करें
- इंतज़ार न करें: नए डबल विज़न और चक्कर आने पर “इंतज़ार करो और देखो” का रवैया बिल्कुल न अपनाएं। यह स्ट्रोक जैसी आपातकालीन स्थिति हो सकती है जिसमें हर मिनट मायने रखता है।
- घरेलू आई-ड्रॉप्स या तेल का उपयोग न करें: नए डबल विज़न के लिए घर पर कोई भी तेल या आयुर्वेदिक आई-ड्रॉप्स का उपयोग न करें। ये न तो मदद करते हैं और न ही सुरक्षित हैं, और ये गंभीर स्थिति के निदान में देरी कर सकते हैं।
- शराब का सेवन न करें: अगर आपको लंबे समय से शराब पीने की आदत रही है, तो ग्लूकोज़ देने से पहले डॉक्टर को थियामिन की कमी की जांच करनी चाहिए। पहले ग्लूकोज़ देने से ‘वर्निके एन्सेफेलोपैथी’ जैसी दिमाग की कुछ स्थितियाँ बिगड़ सकती हैं।
- खुद से निदान की कोशिश न करें: इंटरनेट पर पढ़कर खुद से अपनी बीमारी का निदान करने की कोशिश न करें। ये लक्षण कई गंभीर बीमारियों के हो सकते हैं जिनके लिए विशेषज्ञ की राय ज़रूरी है।
WHO और AAO-HNS की guidelines के अनुसार, इस तरह के लक्षणों में ENT specialist से जाँच कराना ज़रूरी है।
बचाव
दोहरा दिखने और चक्कर आने जैसी गंभीर स्थितियों से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है, खासकर जैसे हमारे क्षेत्र में जहाँ कुछ खास जोखिम कारक मौजूद हैं।
- उच्च रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित करें: बहुत से लोगों को उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और मधुमेह (डायबिटीज) की समस्या है। इन बीमारियों को नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह से नियंत्रित रखना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये दिमाग की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर स्ट्रोक का खतरा बढ़ाती हैं।
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद लेना दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है। धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन छोड़ दें, क्योंकि ये स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाते हैं।
- नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं: खासकर अगर आपकी उम्र ज़्यादा है या आपको कोई पुरानी बीमारी है, तो नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाते रहें। इससे किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता चल सकता है और उसका इलाज शुरू किया जा सकता है।
अस्वीकरण
यह लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवाई या इलाज अपने डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुझे दोहरा दिखना और चक्कर आना दोनों क्यों हो रहा है?
जब आपको दोहरा दिखना और चक्कर आना दोनों एक साथ होते हैं, तो यह उन रास्तों में समस्या का संकेत देता है जो आपकी आँखों की गतिविधियों और संतुलन को नियंत्रित करते हैं, और जो आपके दिमाग में आपस में जुड़े होते हैं। इसमें आमतौर पर आँखों को हिलाने वाली खास नसें,
या दिमाग के निचले हिस्से (ब्रेनस्टेम) और सेरिबैलम के क्षेत्र शामिल होते हैं। दिमाग के ये हिस्से आपकी देखने की क्षमता को आपके संतुलन के साथ जोड़ते हैं। कान के अंदरूनी हिस्से की समस्याएँ, जिनसे अक्सर चक्कर आते हैं, शायद ही कभी सही मायने में दोहरा दिखने का कारण बनती हैं। ये मिले-जुले लक्षण हमें दिमाग के इन केंद्रीय हिस्सों पर ध्यान देने को कहते हैं।
क्या दोहरा दिखना और चक्कर आना सिर्फ आँखों की समस्या है?
यह एक आम गलतफहमी है कि दोहरा दिखना हमेशा सिर्फ आँखों की समस्या होती है। हालांकि, जब दोहरा दिखना चक्कर या घबराहट के साथ होता है, तो यह आमतौर पर दिमाग के अंदर ही किसी समस्या का संकेत देता है, खासकर ब्रेनस्टेम, सेरिबैलम, या इन क्षेत्रों को खून पहुँचाने वाली रक्त वाहिकाओं में। कान के अंदरूनी हिस्से की असली समस्याएँ, जिनसे चक्कर आते हैं, शायद ही कभी दोहरा दिखने का कारण बनती हैं। इसलिए, लक्षणों का यह मेल आमतौर पर आँखों की एक साधारण समस्या से ज़्यादा गंभीर होता है और इसकी जड़ तक पहुँचने के लिए सावधानीपूर्वक डॉक्टरी जाँच की ज़रूरत होती है।
मुझे इन लक्षणों के लिए तुरंत डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर आपको दोहरा दिखना और चक्कर आना अचानक शुरू हो जाए, तो आपको तुरंत डॉक्टरी मदद लेनी चाहिए। अन्य चिंताजनक लक्षणों पर भी ध्यान दें जैसे हाथ-पैरों में नई कमजोरी, बोलने में बदलाव, चेहरे का एक तरफ लटकना, निगलने में कठिनाई, या तेज सिरदर्द, खासकर सिर के पिछले हिस्से में। अगर आपको दोहरा दिखने के साथ-साथ यह भी लगे कि आपकी एक पुतली दूसरी से काफी बड़ी है, तो इसकी भी तुरंत जाँच करानी चाहिए। ये लक्षण स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों की ओर इशारा कर सकते हैं, जिसके लिए दिमाग के ऊतकों को बचाने के लिए उसी दिन आपातकालीन मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। इंतजार न करें।
कारण का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट मदद करेंगे?
आपके दोहरा दिखने और चक्कर आने का कारण जानने के लिए, हम एक पूरी जाँच करेंगे। आपके दिमाग की इमेजिंग (जाँच) अक्सर महत्वपूर्ण होती है। हालांकि सीटी स्कैन जल्दी हो जाता है, पर यह कई शुरुआती स्ट्रोक को, खासकर दिमाग के पिछले हिस्से में, पकड़ नहीं पाता। एक स्पष्ट तस्वीर के लिए, हमें अक्सर ‘डिफ्यूजन सीक्वेंस’ के साथ एमआरआई स्कैन की ज़रूरत होती है। इस तरह का एमआरआई ब्रेनस्टेम या सेरिबैलम में स्ट्रोक जैसी समस्याओं का पता लगाने में कहीं बेहतर होता है। हम मधुमेह (डायबिटीज) या उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) जैसी स्थितियों की जाँच के लिए रक्त परीक्षण (ब्लड टेस्ट) भी करवा सकते हैं, जो नसों को प्रभावित कर सकते हैं।
दोहरा दिखने और चक्कर आने का आमतौर पर क्या कारण होता है?
सबसे महत्वपूर्ण और आम कारण, खासकर मध्यम आयु वर्ग या बुजुर्ग मरीजों में जिन्हें उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) या मधुमेह (डायबिटीज) जैसे जोखिम कारक हैं, वह ब्रेनस्टेम स्ट्रोक या ‘ट्रांजिएंट इस्कीमिक अटैक’ (टीआईए) है, जिसे कभी-कभी ‘मिनी-स्ट्रोक’ भी कहा जाता है। अन्य कारणों में आँखों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली नसों में समस्याएँ शामिल हो सकती हैं, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप, या यहाँ तक कि ‘एन्यूरिज्म’ जैसी स्थितियों से प्रभावित हो सकती हैं। ‘न्यूरोमस्कुलर जंक्शन’ रोग भी इन लक्षणों का कारण बन सकते हैं। सही इलाज के लिए विशिष्ट कारण की पहचान करना महत्वपूर्ण है।
क्या कोई घरेलू उपाय हैं, या मुझे किन चीज़ों से बचना चाहिए?
नए डबल विज़न (दोहरा दिखना) और चक्कर (वर्टिगो) के लिए, कोई सुरक्षित घरेलू उपाय जैसे आई-ड्रॉप्स या तेल नहीं हैं जो मदद कर सकें; ये हानिकारक भी हो सकते हैं। अगर आपको नया डबल विज़न है, तो गाड़ी चलाने से बचना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह आपकी साफ़ देखने और दूरी का अंदाज़ा लगाने की क्षमता को बहुत कम कर देता है, जिससे यह असुरक्षित हो जाता है। यदि आपको लंबे समय से शराब पीने की आदत रही है, तो यह ज़रूरी है कि ग्लूकोज़ देने से पहले डॉक्टर थियामिन की कमी की जांच करें, क्योंकि पहले ग्लूकोज़ देने से दिमाग की कुछ स्थितियाँ बिगड़ सकती हैं। इन लक्षणों के लिए हमेशा किसी डॉक्टर से सलाह लें।
इस विषय पर अन्य गाइड
- कारण और लक्षण
- कब डॉक्टर को दिखाएं
- घर पर देखभाल
- डॉक्टर से कैसे मिलें
- बचाव के उपाय
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इस लेख की चिकित्सकीय समीक्षा Dr. Prateek Porwal, MBBS, DNB (ENT), CAMVD (Prime ENT Center, हरदोई) द्वारा की गई है। यह सामग्री केवल रोगी शिक्षा के लिए है और किसी भी चिकित्सीय आपात स्थिति में अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
