अगर आपको अचानक चक्कर आने लगें, चलने में लड़खड़ाहट महसूस हो, या दिमाग थोड़ा उलझा हुआ सा लगे, तो यह बहुत चिंता की बात हो सकती है। ऐसी स्थिति में रोज़मर्रा के काम करना, गाड़ी चलाना या यहाँ तक कि ठीक से सो पाना भी मुश्किल हो जाता है। क्लिनिक में ऐसे कई मरीज़ आते हैं जो बताते हैं कि उन्हें पहले सिर्फ़ चक्कर आते थे, पर धीरे-धीरे और भी दिक्कतें होने लगीं।
कई बार ये लक्षण Wernicke’s Encephalopathy नाम की एक गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं, इसलिए इन्हें समय पर पहचानना बेहद ज़रूरी है।
अभी क्या करें
- घर पर राहत: अगर आपको अचानक चक्कर आएं या चलने में दिक्कत हो, तो तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं ताकि गिरने का खतरा न हो। अपनी आँखें बंद करके गहरी साँस लें। किसी भी तरह का तेल या घरेलू नुस्खा आज़माने से बचें, क्योंकि यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है।
- डॉक्टर को दिखाएं: यदि आपको चक्कर आने के साथ-साथ आँखों को हिलाने में परेशानी हो, चलने में संतुलन बिगड़ रहा हो, या आप भ्रमित महसूस कर रहे हों, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें। खासकर अगर आप शराब का सेवन करते हैं, गर्भवती हैं और लगातार उल्टी हो रही है, या आपकी कोई सर्जरी हुई है।
- तुरंत जाएं: अगर आपको चक्कर, आँखों की हरकत में दिक्कत (जैसे आँखें अपने आप हिलना), चलने में लड़खड़ाहट और भ्रम — इनमें से कोई भी दो या ज़्यादा लक्षण एक साथ दिखें, तो यह Wernicke’s Encephalopathy का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत इमरजेंसी में जाएं। यह एक जानलेवा स्थिति हो सकती है जिसका तुरंत इलाज ज़रूरी है।
तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
Wernicke’s Encephalopathy एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके कुछ खास लक्षण दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इसे नज़रअंदाज़ करना बहुत खतरनाक हो सकता है।
- आँखों का अनैच्छिक हिलना या आँखों को हिलाने में दिक्कत: अगर आपकी आँखें अपने आप तेज़ी से हिल रही हैं या आपको एक तरफ देखने में परेशानी हो रही है, तो यह दिमाग के उस हिस्से में समस्या का संकेत हो सकता है। यह वही हिस्सा है जो आँखों को कंट्रोल करता है।
- चलने में लड़खड़ाहट या असंतुलन: अगर आपको चलने में बहुत ज़्यादा दिक्कत हो रही है, आप बार-बार लड़खड़ा रहे हैं या संतुलन नहीं बना पा रहे हैं, तो यह दिमाग के संतुलन वाले हिस्से में गड़बड़ी का लक्षण है।
- भ्रम या मानसिक स्थिति में बदलाव: अगर आप अचानक भ्रमित महसूस कर रहे हैं, चीज़ें याद रखने में दिक्कत हो रही है, या आपकी सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ रहा है, तो यह दिमाग पर गंभीर असर का संकेत है।
- गर्भावस्था में लगातार उल्टी के साथ असंतुलन या दोहरी दृष्टि: अगर आप गर्भवती हैं और आपको हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (लगातार गंभीर उल्टी) की समस्या है, और अब आपको चलने में दिक्कत या चीज़ें दोहरी दिख रही हैं, तो यह गर्भावस्था से जुड़ी Wernicke’s Encephalopathy हो सकती है।
- शराब का सेवन करने वाले मरीज़ में नया भ्रम: अगर कोई व्यक्ति जो लंबे समय से शराब का सेवन कर रहा है, अचानक भ्रमित हो जाए या उसे याददाश्त की समस्या होने लगे, तो समझ लीजिए कि यह थायमिन की कमी के कारण हो सकता है।
Wernicke’s Encephalopathy Encephalopathy के लक्षण क्या हैं?
Wernicke’s Encephalopathy के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे शुरू होते हैं, पर कभी-कभी अचानक भी दिख सकते हैं। ये लक्षण दिमाग के अलग-अलग हिस्सों पर थायमिन की कमी के असर को दिखाते हैं।
- आँखों का अनैच्छिक हिलना: इसमें आपकी आँखें अपने आप, बिना आपकी मर्ज़ी के, एक तरफ से दूसरी तरफ या ऊपर-नीचे हिलती हैं। यह दिमाग के संतुलन वाले हिस्से में दिक्कत की वजह से होता है।
- आँखों को हिलाने में दिक्कत: कभी-कभी मरीज़ को अपनी आँखें एक खास दिशा में घुमाने में परेशानी होती है, जैसे कि साइड में देखने में। यह दिमाग के उस हिस्से पर असर का संकेत है जो आँखों की मांसपेशियों को नियंत्रित करता है।
- चलने में लड़खड़ाहट और असंतुलन: मरीज़ को चलने में बहुत ज़्यादा दिक्कत होती है, वे लड़खड़ाते हैं और उनका संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसा लगता है जैसे वे नशे में चल रहे हों, जबकि ऐसा नहीं होता।
- भ्रम या हल्की याददाश्त में कमी: मरीज़ अक्सर भ्रमित रहते हैं, उन्हें समय और जगह का ठीक से अंदाज़ा नहीं होता। नई बातें याद रखने में भी परेशानी हो सकती है।
- चक्कर आना और हल्कापन महसूस होना: यह अक्सर शुरुआती लक्षणों में से एक होता है। मरीज़ को लगता है जैसे उनका सिर घूम रहा है या वे बेहोश होने वाले हैं।
- थकान और कमज़ोरी: मरीज़ को बहुत ज़्यादा थकान और शारीरिक कमज़ोरी महसूस हो सकती है, जो सामान्य आराम से ठीक नहीं होती।
Wernicke’s Encephalopathy मुख्य रूप से विटामिन B1 (थायमिन) की गंभीर कमी के कारण होता है। थायमिन हमारे दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए बहुत ज़रूरी है। जब इसकी कमी हो जाती है, तो दिमाग के कुछ खास हिस्सों को नुकसान पहुँचता है।
- लंबे समय तक शराब का सेवन: यह Wernicke’s Encephalopathy का सबसे आम कारण है। शराब पीने वाले लोगों में थायमिन का सेवन कम होता है और शरीर इसे ठीक से सोख भी नहीं पाता।
- गर्भावस्था में गंभीर उल्टी: कुछ गर्भवती महिलाओं को इतनी ज़्यादा और लगातार उल्टी होती है कि उनके शरीर में थायमिन की कमी हो जाती है। यह एक उभरता हुआ कारण है जिसे अब ज़्यादा पहचाना जा रहा है।
- बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद पोषण की कमी: वज़न कम करने वाली सर्जरी के बाद, शरीर पोषक तत्वों को ठीक से सोख नहीं पाता, जिससे थायमिन की कमी हो सकती है, खासकर अगर मरीज़ को उल्टी भी हो।
- बिना B1 सप्लीमेंट के लंबे समय तक नसों से पोषण: अगर किसी मरीज़ को लंबे समय तक नसों के ज़रिए खाना दिया जा रहा है और उसमें थायमिन नहीं मिलाया गया है, तो भी इसकी कमी हो सकती है।
- किसी भी कारण से गंभीर कुपोषण: अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक ठीक से खाना नहीं खा पाता, चाहे वह किसी बीमारी के कारण हो या गरीबी के कारण, तो उसे थायमिन की कमी हो सकती है।
Wernicke’s Encephalopathy Encephalopathy से कैसे बचें?
जैसे हमारे जिले में कुछ खास बातें हैं जो इस समस्या के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इन पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।
- गर्भावस्था में उल्टी: भी कई गर्भवती महिलाओं को गंभीर उल्टी की समस्या होती है। अगर इसे गंभीरता से न लिया जाए और पोषण पर ध्यान न दिया जाए, तो थायमिन की कमी का खतरा बढ़ जाता है।
- शराब का सेवन: शराब का सेवन भी हमारे क्षेत्र में एक आम समस्या है, जो थायमिन की कमी का एक बड़ा कारण बनती है।
- पानी से होने वाली बीमारियाँ: मानसून के दौरान पानी से होने वाली बीमारियाँ जैसे हैजा या गंभीर दस्त, शरीर से पोषक तत्वों को तेज़ी से बाहर निकाल सकती हैं, जिससे थायमिन की कमी का जोखिम बढ़ जाता है।
जांच और निदान
जब आप क्लिनिक में Wernicke’s Encephalopathy के लक्षणों के साथ आते हैं, तो सबसे पहले मैं आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री लेता हूँ। मैं आपसे आपके खान-पान, शराब के सेवन, किसी पुरानी बीमारी या सर्जरी के बारे में पूछता हूँ। इसके बाद एक शारीरिक जांच की जाती है, जिसमें आपकी आँखों की हरकत, चलने का तरीका (गैत), संतुलन और मानसिक स्थिति की बारीकी से जांच की जाती है।
Caine operational criteria के अनुसार, अगर आपको आहार की कमी, आँखों की हरकत में गड़बड़ी, सेरिबैलम से जुड़ी समस्या या मानसिक स्थिति में बदलाव में से कोई भी दो लक्षण दिखते हैं, तो Wernicke’s Encephalopathy का संदेह होता है।
निदान की पुष्टि के लिए कुछ टेस्ट भी कराए जा सकते हैं। खून में थायमिन का स्तर जांचना एक तरीका है, हालाँकि इसकी रिपोर्ट आने में समय लग सकता है, इसलिए इलाज में देरी नहीं की जाती। MRI brain स्कैन बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें दिमाग के कुछ खास हिस्सों में बदलाव दिख सकते हैं, जैसे mammillary bodies या periaqueductal grey में सूजन।
खून में ग्लूकोज़, इलेक्ट्रोलाइट्स (खासकर मैग्नीशियम), लिवर और किडनी फंक्शन की जांच भी की जाती है ताकि अन्य समस्याओं का पता चल सके। कभी-कभी CT head स्कैन भी किया जाता है ताकि subdural haematoma जैसी अन्य गंभीर स्थितियों को बाहर किया जा सके।
इलाज के विकल्प
Wernicke’s Encephalopathy का इलाज एक मेडिकल इमरजेंसी की तरह किया जाता है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर यह दिमाग को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता है या जानलेवा भी हो सकता है।
डॉक्टर का इलाज
मुख्य इलाज थायमिन (विटामिन B1) की ज़्यादा खुराक देना है। इसे आमतौर पर नस (IV) या मांसपेशी (IM) में इंजेक्शन के ज़रिए दिया जाता है, क्योंकि इस स्थिति में मुँह से ली जाने वाली दवाएँ शरीर में ठीक से नहीं सोख पातीं। डॉक्टर मैग्नीशियम की कमी की भी जांच करते हैं, क्योंकि मैग्नीशियम भी थायमिन के काम करने के लिए ज़रूरी है।
अगर मैग्नीशियम की कमी हो, तो उसे भी ठीक किया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण थायमिन देने से पहले ग्लूकोज़ (शुगर) का घोल नहीं दिया जाता, क्योंकि थायमिन की कमी होने पर ग्लूकोज़ देने से स्थिति और बिगड़ सकती है। इसके साथ ही, इस बीमारी के मूल कारण का भी इलाज किया जाता है, जैसे शराब की लत का प्रबंधन या पोषण संबंधी सहायता।
सर्जरी कब?
Wernicke’s Encephalopathy का इलाज सर्जरी से नहीं होता है। यह एक पोषण संबंधी और न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसका इलाज दवाओं और पोषण सहायता से किया जाता है। सर्जरी की ज़रूरत तब पड़ सकती है जब कोई अन्य संबंधित समस्या हो, जैसे subdural haematoma, लेकिन Wernicke’s Encephalopathy के लिए खुद कोई सर्जिकल इलाज नहीं है।
घर पर क्या करें, क्या न करें?
Wernicke’s Encephalopathy एक गंभीर स्थिति है, इसलिए घर पर केवल सहायक उपाय ही किए जा सकते हैं। असली इलाज डॉक्टर की देखरेख में ही होता है।
क्या करें
- संतुलित आहार लें: अपने खाने में साबुत अनाज, दालें, अंडे, मांस, डेयरी उत्पाद और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ शामिल करें। इनमें विटामिन B1 भरपूर मात्रा में होता है और यह बचाव में मदद करता है।
- नियमित भोजन करें: लंबे समय तक भूखे रहने से बचें। नियमित अंतराल पर पौष्टिक भोजन करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं होती।
- गर्भावस्था में प्रसव पूर्व विटामिन लें: अगर आप गर्भवती हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर प्रसव पूर्व विटामिन ज़रूर लें, खासकर अगर आपको उल्टी की समस्या हो रही हो।
- शराब का सेवन कम करें या छोड़ दें: अगर आप शराब का सेवन करते हैं, तो इसे कम करने या पूरी तरह छोड़ने के लिए मदद लें। यह थायमिन की कमी का एक बड़ा कारण है।
- बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद विटामिन लेते रहें: अगर आपकी बेरिएट्रिक सर्जरी हुई है, तो डॉक्टर द्वारा बताए गए विटामिन सप्लीमेंट्स जीवन भर लेते रहें। यह बहुत ज़रूरी है।
- नए लक्षणों की तुरंत रिपोर्ट करें: अगर आपको भ्रम, दोहरी दृष्टि या असंतुलन जैसे नए लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।
क्या न करें
- गंभीर कुपोषण में सिर्फ़ मुँह से ली जाने वाली दवाओं पर निर्भर न रहें: अगर आपको गंभीर कुपोषण है, तो सिर्फ़ मुँह से ली जाने वाली विटामिन की गोलियाँ पर्याप्त नहीं हो सकतीं। डॉक्टर से सही इलाज करवाएं।
- गर्भावस्था में लगातार उल्टी को नज़रअंदाज़ न करें: अगर आपको गर्भावस्था में लगातार और गंभीर उल्टी हो रही है, तो इसे सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ न करें। डॉक्टर से मिलें और थायमिन सप्लीमेंटेशन के बारे में पूछें।
- भारी शराब का सेवन जारी न रखें: अगर आप भारी शराब का सेवन करते हैं और आपको Wernicke’s के लक्षण दिख रहे हैं, तो इसे जारी रखना बहुत खतरनाक हो सकता है। तुरंत मदद लें।
- बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद विटामिन छोड़ें नहीं: सर्जरी के बाद विटामिन सप्लीमेंटेशन छोड़ना गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता है, जिसमें Wernicke’s Encephalopathy भी शामिल है।
बचाव
Wernicke’s Encephalopathy से बचाव के लिए थायमिन की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना सबसे ज़रूरी है। स्थानीय संदर्भ में कुछ बातों का ध्यान रखकर आप इस गंभीर बीमारी से बच सकते हैं।
- शराब के सेवन पर नियंत्रण: शराब का सेवन एक सामाजिक समस्या है। यदि आप या आपके जानने वाले शराब का अधिक सेवन करते हैं, तो उन्हें चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करें। यह थायमिन की कमी को रोकने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
- गर्भावस्था में विशेष देखभाल: गर्भवती महिलाओं को, खासकर जिन्हें हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (लगातार उल्टी) की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर थायमिन सप्लीमेंट ज़रूर लेना चाहिए। यह माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है।
- बीमारियों का समय पर इलाज: मानसून के दौरान पानी से होने वाली बीमारियाँ आम हैं। अगर आपको गंभीर दस्त या उल्टी हो, तो तुरंत इलाज करवाएं ताकि शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो।
- सर्जरी के बाद सावधानी: अगर आपकी बेरिएट्रिक सर्जरी हुई है, तो डॉक्टर के निर्देशों का सख्ती से पालन करें और जीवन भर विटामिन सप्लीमेंट्स लेते रहें। यह आपको बाद में होने वाली जटिलताओं से बचाएगा।
WHO और AAO-HNS की guidelines के अनुसार, इस तरह के लक्षणों में ENT specialist से जाँच कराना ज़रूरी है।
बच्चों और बुज़ुर्गों में
Wernicke’s Encephalopathy मुख्य रूप से वयस्कों में देखा जाता है, पर कुछ खास परिस्थितियों में यह बच्चों और बुज़ुर्गों को भी प्रभावित कर सकता है।
बच्चों में
बच्चों में Wernicke’s Encephalopathy बहुत कम देखने को मिलता है, लेकिन गंभीर कुपोषण, लगातार उल्टी (जैसे किसी बीमारी के कारण) या कुछ मेटाबॉलिक विकारों के कारण थायमिन की कमी हो सकती है। बच्चों में इसके लक्षण वयस्कों से थोड़े अलग हो सकते हैं, जैसे चिड़चिड़ापन, सुस्ती, आँखों की हरकतों में असामान्यता या विकास में देरी। अगर किसी बच्चे में ऐसे लक्षण दिखें, खासकर अगर उसे पोषण संबंधी कोई समस्या हो, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
बुज़ुर्गों में
बुज़ुर्गों में Wernicke’s Encephalopathy का जोखिम बढ़ जाता है। इसका कारण अक्सर खराब पोषण, पुरानी बीमारियाँ, कुछ दवाएँ या शराब का सेवन हो सकता है। बुज़ुर्गों में इसके लक्षण अक्सर भ्रम, याददाश्त में कमी और चलने में असंतुलन के रूप में दिखते हैं, जिन्हें कभी-कभी उम्र बढ़ने के सामान्य लक्षण मान लिया जाता है।
इससे निदान में देरी हो सकती है। बुज़ुर्गों में Wernicke’s Encephalopathy का समय पर निदान और इलाज बहुत ज़रूरी है ताकि स्थायी न्यूरोलॉजिकल क्षति से बचा जा सके।
क्या विटामिन B1 की मौखिक गोलियाँ Wernicke’s Encephalopathy (Dizziness
नहीं, अगर Wernicke’s Encephalopathy का संदेह है, तो थायमिन की मौखिक गोलियाँ आमतौर पर पर्याप्त नहीं होती हैं। मौखिक थायमिन का अवशोषण अविश्वसनीय हो सकता है, खासकर गंभीर रूप से कमी या अस्वस्थ व्यक्ति में। इस कारण से, डॉक्टर हमेशा पैरेंट्रल थायमिन का उपयोग करते हैं, जिसका अर्थ है कि इसे सीधे नस या मांसपेशी में दिया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शरीर को ज़रूरी उच्च खुराक जल्दी और प्रभावी ढंग से मिल सके। यह तत्काल, सीधे उपचार की आवश्यकता वाली एक मेडिकल इमरजेंसी है।
अस्वीकरण
यह लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवाई या इलाज अपने डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वर्निके एन्सेफैलोपैथी होने की संभावना किसे सबसे ज़्यादा होती है?
हालाँकि यह आमतौर पर लंबे समय तक शराब की लत से जुड़ा है, लेकिन कई अन्य स्थितियाँ भी आपको जोखिम में डाल सकती हैं। इनमें कोई भी गंभीर कुपोषण, लगातार और गंभीर उल्टी (जैसे गर्भावस्था के दौरान हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम), या लंबे समय तक नसों के ज़रिए पोषण प्राप्त करना शामिल है। जिन लोगों की बेरिएट्रिक सर्जरी हुई है, उन्हें भी इस स्थिति से बचने के लिए जीवन भर विटामिन सप्लीमेंटेशन के बारे में सावधान रहना चाहिए।
मुझे कब चिंता करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। यदि आपको आँखों का अनैच्छिक हिलना, चलने में दिक्कत और भ्रम का कोई भी संयोजन दिखाई देता है, तो आपको तुरंत मदद लेनी चाहिए। यदि आप जोखिम में हैं, उदाहरण के लिए, गर्भावस्था में गंभीर उल्टी के कारण, और आपको संतुलन की नई समस्याएँ या दोहरी दृष्टि विकसित होती है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। इसी तरह, यदि शराब की लत या गंभीर कुपोषण वाले किसी व्यक्ति में नया भ्रम विकसित होता है, तो तत्काल डॉक्टरी सहायता की आवश्यकता है।
वर्निके एन्सेफेलोपैथी का इलाज कैसे किया जाता है?
मुख्य इलाज थायमिन की ज़्यादा खुराक देना है, जो आमतौर पर नस या मांसपेशी में इंजेक्शन के ज़रिए दी जाती है, क्योंकि आपातकालीन स्थिति में मुँह से ली जाने वाली गोलियाँ पर्याप्त नहीं होतीं। हम मैग्नीशियम की कमी की भी जाँच करते हैं और अगर कमी हो, तो उसे ठीक करते हैं। थायमिन की कमी के मूल कारण का इलाज करना बहुत ज़रूरी है। एक अहम हमें ग्लूकोज़ (शुगर) का घोल देने से पहले थायमिन देना चाहिए, क्योंकि अगर थायमिन कम हो, तो ग्लूकोज़ देने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
क्या विटामिन बी1 की मौखिक गोलियाँ वर्निके का इलाज करने के लिए पर्याप्त हैं?
नहीं, अगर वर्निके एन्सेफैलोपैथी का संदेह है, तो थायमिन की मौखिक गोलियाँ आमतौर पर पर्याप्त नहीं होती हैं। मौखिक थायमिन का अवशोषण अविश्वसनीय हो सकता है, खासकर गंभीर रूप से कमी या अस्वस्थ व्यक्ति में। इस कारण से, डॉक्टर हमेशा पैरेंट्रल थायमिन का उपयोग करते हैं, जिसका अर्थ है कि इसे सीधे नस या मांसपेशी में दिया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शरीर को ज़रूरी उच्च खुराक जल्दी और प्रभावी ढंग से मिल सके। यह तत्काल, सीधे उपचार की आवश्यकता वाली एक मेडिकल इमरजेंसी है।
क्या ग्लूकोज देने से मरीज़ को स्थिर करने में मदद मिलती है?
यह एक आम और खतरनाक गलत धारणा है। थायमिन की कमी वाले मरीज़ में पर्याप्त थायमिन प्रतिस्थापन से पहले ग्लूकोज (चीनी) देना वास्तव में वर्निके एन्सेफैलोपैथी को और खराब कर सकता है या इसे ट्रिगर भी कर सकता है। थायमिन ग्लूकोज को संसाधित करने के लिए आवश्यक है, और इसके बिना, ग्लूकोज देने से मस्तिष्क की ऊर्जा आपूर्ति और बाधित हो सकती है। इसलिए, मेडिकल पेशेवर हमेशा यह सुनिश्चित करते हैं कि जोखिम वाले मरीज़ों में पहले थायमिन दिया जाए।
क्या वर्निके एन्सेफैलोपैथी से मुझे चक्कर आ सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल। चक्कर आना और असंतुलन वर्निके एन्सेफैलोपैथी के बहुत आम शुरुआती लक्षण हैं। आपको आँखों का अनैच्छिक हिलना भी दिख सकता है, जिसे निस्टैगमस कहते हैं। मेरे क्लिनिक में भी ऐसे कई मामले आते हैं। यह स्थिति विटामिन बी1 (थायमिन) की कमी के कारण होने वाली दिमाग की एक गंभीर आपातकालीन स्थिति है। यदि आपको नए चक्कर आने के साथ भ्रम या चलने में दिक्कत महसूस होती है, खासकर यदि आपको गंभीर उल्टी या कुपोषण जैसे जोखिम कारक हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना बहुत ज़रूरी है। याद रखें, जल्दी पहचान गंभीर और स्थायी समस्याओं से बचा सकती है।
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- कब डॉक्टर को दिखाएं
- घर पर देखभाल
- डॉक्टर से कैसे मिलें
- बचाव के उपाय
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- Dr. Prateek Porwal, MBBS, DNB (ENT), CAMVD
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इस लेख की चिकित्सकीय समीक्षा Dr. Prateek Porwal, MBBS, DNB (ENT), CAMVD (Prime ENT Center, हरदोई) द्वारा की गई है। यह सामग्री केवल रोगी शिक्षा के लिए है और किसी भी चिकित्सीय आपात स्थिति में अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
