नोट: इस लेख में दवाओं के नाम केवल शैक्षणिक उद्देश्य से दिए गए हैं। कोई भी दवा अपने डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। खुराक और अवधि आपकी व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करती है।

मेरे क्लिनिक में आने वाले हर दस चक्कर के मरीज़ों में से चार 60

यह जानकारी वरिष्ठ नागरिकों (seniors) के लिए भी उतनी ही काम की है।

अगर घर में माता-पिता या दादा-दादी को चक्कर आता है — यह लेख उनके और आपके लिए है।

बुजुर्गों में चक्कर आना: बुजुर्गों में चक्कर के कारण

उम्र के साथ तीन चीज़ें कमज़ोर होती हैं जो संतुलन में मदद करती हैं:

  • आंतरिक कान की संतुलन प्रणाली (PubMed reference)।
  • दृष्टि (देखने की क्षमता)।
  • पैरों में संवेदना (Proprioception)।

तीनों कमज़ोर होने पर गिरने का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

सबसे आम कारण:

  • BPPV — सबसे आम। कान के पत्थर हिलना। इलाज से जल्दी ठीक होता है।
  • ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन — खड़े होने पर BP अचानक गिरना। आम तौर पर दवाओं का असर।
  • दवाओं का असर — BP, डायबिटीज, नींद की दवाएँ — कई दवाएँ चक्कर का कारण बन सकती हैं।
  • Presbyvestibulopathy — उम्र के साथ संतुलन प्रणाली कमज़ोर होना।
  • Cervicogenic Vertigo — गर्दन की समस्याओं से।
  • कम BP या कम Blood Sugar।

गिरने का खतरा — यह सबसे बड़ी चिंता

60 साल से ऊपर के मरीज़ों में चक्कर से गिरने पर:

  • कूल्हे की हड्डी टूट सकती है।
  • सिर में चोट लग सकती है।
  • लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ सकता है।

इसलिए बुजुर्गों में चक्कर का इलाज जल्दी ज़रूरी है।

घर में सुरक्षा के उपाय

  • बाथरूम में ग्रैब बार लगाएँ।
  • फर्श पर फिसलन रोधी मैट रखें।
  • रात को उठते समय पहले बैठें, फिर धीरे खड़े हों।
  • पर्याप्त रोशनी रखें।
  • चश्मा समय पर लगाएँ।
  • ढीले पैजामे और जूते से बचें।

इलाज

इलाज कारण पर निर्भर करता है:

  • BPPV है तो Epley Maneuver — एक-दो बार में ठीक।
  • दवाओं से चक्कर है तो दवा बदलना या कम करना।
  • VRT (वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन) — संतुलन मज़बूत करने के लिए।
  • विटामिन D और Calcium — हड्डी और कान दोनों के लिए।

परिवार के लिए सलाह

बुजुर्ग मरीज़ अक्सर चक्कर को उम्र का हिस्सा समझकर नज़रअंदाज़ करते हैं। परिवार को ध्यान देना चाहिए। अगर माता-पिता को बार-बार चक्कर आता है — उन्हें डॉक्टर के पास लाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: क्या बुजुर्गों का BPPV ठीक हो सकता है?
उ: हाँ। उम्र Maneuver की सफलता को प्रभावित नहीं करती। 80 साल के मरीज़ भी ठीक होते हैं।

प्र: किस उम्र से चक्कर की जाँच करवानी चाहिए?
उ: जब भी चक्कर आए, तुरंत जाँच करवाएँ। उम्र देखकर इंतज़ार न करें।

प्र: क्या चक्कर की दवाएँ बुजुर्गों को देनी चाहिए?
उ: बहुत सोच-समझकर। कई दवाएँ बुजुर्गों में उनींदापन और गिरने का खतरा बढ़ाती हैं। VRT और Maneuver बेहतर हैं।

प्र: क्या Yoga से बुजुर्गों का संतुलन बेहतर होता है?
उ: हाँ। Chair Yoga और Tai Chi से संतुलन और मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है। लेकिन पहले डॉक्टर से सलाह लें।

प्र: बुजुर्गों को VNG करवानी चाहिए?
उ: अगर कारण स्पष्ट न हो या बार-बार चक्कर आए — VNG बहुत उपयोगी है। Prime ENT Center, हरदोई में यह सुविधा उपलब्ध है।

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परामर्श के लिए संपर्क करें

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को चक्कर आने की समस्या है, तो देर न करें। Prime ENT Center, हरदोई में VNG और Stabilometry जाँच की सुविधा उपलब्ध है — Central UP में केवल यहाँ।

📞 अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें: 7393062200 (WhatsApp/Call)

कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी — सभी जिलों से मरीज हरदोई आते हैं।

ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है — पूरे भारत के मरीजों के लिए।

बुजुर्गों में चक्कर की जाँच

बुजुर्गों में चक्कर के कई कारण हो सकते हैं — इसलिए जाँच थोड़ी विस्तृत होती है:

  • BP Check: लेटकर और खड़े होकर — दोनों में BP लें। अगर खड़े होने पर BP गिरता है — Orthostatic Hypotension है।
  • Audiometry: सुनने की जाँच — उम्र से संबंधित hearing loss (Presbycusis) बहुत आम है।
  • डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट: BPPV check — बुजुर्गों में BPPV सबसे आम कारण है।
  • VNG: अगर standard tests से diagnosis न हो।
  • Blood Tests: Sugar, Thyroid, Vitamin D, Vitamin B12 — ये सब चक्कर का कारण हो सकते हैं।

मैं हर बुज़ुर्ग मरीज़ का Vitamin D और B12 ज़रूर चेक करता हूँ। UP में इनकी कमी बहुत आम है — और supplement से बहुत फ़र्क पड़ता है।

बुजुर्गों में BPPV — सबसे आम कारण

60+ उम्र में BPPV सबसे ज़्यादा होता है। कान के कण उम्र के साथ कमज़ोर होते जाते हैं। और अच्छी खबर — बुजुर्गों में भी मैनुवर उतना ही काम करता है जितना युवाओं में।

हाँ — सावधानी ज़रूरी है। गर्दन में cervical spondylosis हो तो मैनुवर modify करना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इलाज नहीं हो सकता।

कन्नौज से 78 साल की एक दादी आई थीं — बेटे ने कहा “2 साल से चक्कर है, कोई ठीक नहीं कर पाया।” डिक्स-हॉलपाइक किया — Posterior Canal BPPV। एक Epley — और अगले दिन फ़ोन आया “दादी ने 2 साल में पहली बार बिना डर के चला।”

गिरने से बचाव — ज़रूरी कदम

बुजुर्गों में चक्कर का सबसे बड़ा खतरा है — गिरना। एक Hip Fracture ज़िंदगी बदल सकता है।

  • बाथरूम में रेलिंग (Grab Bars) लगवाएँ।
  • रात को कमरे में हल्की रोशनी रखें — Night Light।
  • फिसलन वाली चप्पल न पहनें — rubber sole वाले जूते पहनें।
  • बिस्तर से अचानक न उठें — पहले बैठें, 30 सेकंड रुकें, फिर खड़े हों।
  • कालीन या loose rugs हटा दें — पैर अटकने का खतरा।
  • Glasses (चश्मा) updated रखें — धुँधला दिखना भी असंतुलन बढ़ाता है।

दवाओं का Side Effect — एक बड़ा कारण

बुजुर्गों में कई दवाएँ चक्कर का कारण बनती हैं:

  • BP की दवा — ज़रूरत से ज़्यादा BP गिर जाता है।
  • Sugar की दवा — Hypoglycemia (sugar गिरना) से चक्कर।
  • नींद की गोली — अगली सुबह भी असर रहता है।
  • Anti-anxiety दवाएँ — Alprazolam, Clonazepam — संतुलन बिगाड़ती हैं।

अगर कोई नई दवा शुरू करने के बाद चक्कर बढ़ा है — तो अपने डॉक्टर को बताएँ। दवा बदलने या dose कम करने से फ़र्क पड़ सकता है।

यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल से Prime ENT Center, हरदोई में परामर्श लें या 7393062200 पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। वेबसाइट: drprateekporwal.com

Dr. Prateek Porwal

Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB ENT, CAMVD) is a vertigo and BPPV specialist at Prime ENT Center, Nagheta Road, Hardoi, UP 241001. Inventor of the Bangalore Maneuver. Only VNG + Stabilometry setup in Central UP. Online consultations available across India — call/WhatsApp 7393062200.