नोट: इस लेख में दवाओं के नाम केवल शैक्षणिक उद्देश्य से दिए गए हैं। कोई भी दवा अपने डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। खुराक और अवधि आपकी व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करती है।

हर हफ्ते कई मरीज़ Prime ENT Center, हरदोई आते हैं और कहते हैं — “डॉक्टर साहब, सिर घूम रहा है, करवट बदलते ही चक्कर आता है।” ज़्यादातर बार इसकी वजह BPPV होती है। यानी कान के अंदर के छोटे-

अच्छी खबर यह है कि BPPV का इलाज बिना किसी ऑपरेशन के, क्लिनिक में ही हो जाता है। अक्सर एक ही बार में फर्क पड़ जाता है।

Bppv क्या है: BPPV क्या होता है?

BPPV का पूरा नाम है — Benign Paroxysmal Positional Vertigo (PubMed reference)। हिंदी में इसे कान के पत्थर की बीमारी कहते हैं।

हमारे कान के अंदर एक संतुलन प्रणाली (Vestibular System) होती है। इसमें छोटे-छोटे कैल्शियम के क्रिस्टल होते हैं — जिन्हें ओटोकोनिया (Otoconia) कहते हैं। ये क्रिस्टल एक खास जगह पर रहते हैं। जब ये अपनी जगह से हटकर कान की नलियों में चले जाते हैं, तो सिर हिलाने पर गलत संकेत दिमाग को जाते हैं। इसी से चक्कर आता है।

यह बीमारी कोई खतरनाक नहीं है — “Benign” का मतलब ही सुरक्षित है। लेकिन बिना इलाज के यह बहुत परेशान करती है।

BPPV के कारण

BPPV के लक्षण

BPPV के लक्षण बहुत खास होते हैं। इनसे पहचान आसान हो जाती है:

अगर चक्कर लगातार बना रहता है या सुनने में कमी आती है — तो यह BPPV नहीं हो सकता। तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

BPPV की जाँच

BPPV की पहचान के लिए डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट (Dix-Hallpike Test) किया जाता है। इसमें आपको एक खास तरीके से लिटाया जाता है और आँखों की हरकत देखी जाती है। यह जाँच 2-3 मिनट में हो जाती है।

जटिल मामलों में VNG (Videonystagmography) जाँच भी की जाती है। यह सुविधा Prime ENT Center, हरदोई में उपलब्ध है — मध्य उत्तर प्रदेश में केवल यहीं।

BPPV का इलाज

BPPV का इलाज Canalith Repositioning Maneuver से होता है। इसमें सिर को एक खास क्रम में घुमाया जाता है ताकि कण वापस सही जगह चले जाएँ।

सबसे आम तरीका है — Epley Maneuver। यह पिछली नहर (Posterior Canal) BPPV के लिए काम करता है।

अगर BPPV अगली नहर (Anterior Canal) में हो — जो बहुत कम लोगों में होता है — तो मैंने एक विशेष तकनीक विकसित की है: बैंगलोर मैनुवर (Bangalore Maneuver)। यह मध्य उत्तर प्रदेश में केवल Prime ENT Center, हरदोई में उपलब्ध है।

कब डॉक्टर को दिखाएँ?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: क्या BPPV का इलाज बिना ऑपरेशन के हो सकता है?
उ: हाँ, बिल्कुल। BPPV का इलाज Canalith Repositioning Maneuver से होता है। यह एक सरल प्रक्रिया है। ज़्यादातर मरीजों में 1-2 बार में ही फर्क पड़ जाता है।

प्र: क्या BPPV अपने आप ठीक हो जाता है?
उ: कभी-कभी कुछ हफ्तों में अपने आप ठीक हो सकता है। लेकिन इलाज से जल्दी राहत मिलती है। इंतज़ार करने से गिरने का खतरा रहता है।

प्र: BPPV कितने समय में ठीक होता है?
उ: ज़्यादातर मरीज़ 1-3 बैठकों में ठीक हो जाते हैं। जटिल मामलों में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

प्र: क्या BPPV दोबारा आ सकता है?
उ: हाँ, पहले साल में 15-20% मरीजों में दोबारा आता है। लेकिन दोबारा आने पर भी उसी तरह इलाज होता है। विटामिन D लेने से दोबारा आने की संभावना कम होती है।

प्र: BPPV में कौन सी दवाएँ नहीं लेनी चाहिए?
उ: चक्कर की दवाएँ जैसे Betahistine या प्रोक्लोरपेराज़ीन (उल्टी-रोधी दवा) BPPV को ठीक नहीं करतीं। ये केवल लक्षण को दबाती हैं। असली इलाज Maneuver है।

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परामर्श के लिए संपर्क करें

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को चक्कर आने की समस्या है, तो देर न करें। Prime ENT Center, हरदोई में VNG और Stabilometry जाँच की सुविधा उपलब्ध है — Central UP में केवल यहाँ।

📞 अपॉइंटमेंट के लिए कॉल करें: 7393062200 (WhatsApp/Call)

कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, लखीमपुर खीरी — सभी जिलों से मरीज हरदोई आते हैं।

ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है — पूरे भारत के मरीजों के लिए।

BPPV के प्रकार

BPPV तीन तरह का होता है — पिछली नहर (Posterior Canal), पार्श्व नहर (Horizontal Canal) और अगली नहर (Anterior Canal) का BPPV। मेरे OPD में 80% से ज़्यादा मरीज़ पिछली नहर वाले BPPV के होते हैं।

पार्श्व नहर BPPV में करवट बदलने पर दोनों तरफ चक्कर आता है। यह थोड़ा अलग इलाज माँगता है — BBQ Roll Maneuver से ठीक होता है।

अगली नहर BPPV सबसे दुर्लभ है। इसकी पहचान भी मुश्किल होती है और इलाज भी अलग होता है। मैंने इसके लिए बैंगलोर मैनुवर विकसित किया है।

BPPV की जाँच कैसे होती है?

BPPV की जाँच के लिए किसी महंगी मशीन की ज़रूरत नहीं। डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट सबसे सटीक तरीका है। 2-3 मिनट लगते हैं।

इसमें मरीज़ को एक खास तरीके से लिटाया जाता है और आँखों की हलचल देखी जाती है। अगर कान के कण गलत जगह हैं — तो आँखें एक खास तरीके से घूमती हैं। इसे Nystagmus कहते हैं।

ज़्यादा जटिल मामलों में हम VNG जाँच करते हैं। Prime ENT Center में यह सुविधा उपलब्ध है — मध्य UP में सिर्फ यहीं।

BPPV का इलाज

BPPV का इलाज दवाओं से नहीं होता। प्रोक्लोरपेराज़ीन (उल्टी-रोधी दवा) या बीटाहिस्टीन से चक्कर थोड़ा कम लगेगा — लेकिन असली समस्या वैसी ही रहेगी। असली इलाज है Canalith Repositioning Maneuver — जिसमें सिर को एक खास क्रम में घुमाकर कण वापस सही जगह पहुँचाए जाते हैं।

पिछली नहर BPPV के लिए एप्ली मैनुवर (Epley Maneuver) किया जाता है। इसकी सफलता दर 80-90% है — अक्सर एक ही सिटिंग में।

मैंने अपने OPD में हज़ारों मरीज़ों पर यह किया है। ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन बहुत बेहतर महसूस करते हैं।

BPPV में क्या न करें

कुछ गलतियाँ मरीज़ अक्सर करते हैं:

BPPV दोबारा आ सकता है?

हाँ — लगभग 15-20% मरीज़ों में पहले साल में BPPV दोबारा आ सकता है। लेकिन घबराने की बात नहीं। दोबारा भी वही इलाज काम करता है।

Vitamin D की कमी से BPPV दोबारा होने का खतरा बढ़ता है। इसलिए मैं अपने हर BPPV मरीज़ का Vitamin D लेवल चेक करता हूँ।

कब डॉक्टर को दिखाएँ?

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण है — तुरंत ENT डॉक्टर से मिलें:

यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल से Prime ENT Center, हरदोई में परामर्श लें या 7393062200 पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। वेबसाइट: drprateekporwal.com

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