नमस्ते, मैं डॉ. प्रतीक पोरवाल हूँ। Prime ENT Center में मैंने देखा है कि बहुत सारे लोग चक्कर के इलाज के लिए योग करना शुरू करते हैं, लेकिन गलत आसन करने से उनका चक्कर और बढ़ जाता है।

आज मैं आपको विस्तार से बताता हूँ कि चक्कर में कौन से योग आसन सुरक्षित हैं और कौन से बिलकुल नहीं करने चाहिए।

चक्कर और योग, क्या सच है?

योग बहुत अच्छा है, लेकिन चक्कर के लिए नियमित योग नहीं, बल्कि विशेष योग करना चाहिए।

योग के फायदे:

लेकिन गलत आसन से:

चक्कर में सुरक्षित योग आसन

1. सुखासन (Easy Pose)

यह सबसे सुरक्षित आसन है। इसे हर दिन करने से संतुलन में सुधार होता है।

करने का तरीका:

फायदे:

2. वज्रासन (Diamond Pose)

यह आसन बहुत सुरक्षित है और वेस्टिबुलर सिस्टम को मजबूत करता है।

करने का तरीका:

फायदे:

3. मार्जारियासन (Cat Stretch)

यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और रक्त संचार में सुधार करता है।

करने का तरीका:

फायदे:

4. पहाड़ासन (Mountain Pose)

यह आसन संतुलन को सुधारता है। चक्कर में यह बहुत मदद करता है।

करने का तरीका:

फायदे:

टिप्स: शुरुआत में किसी दीवार के पास खड़े हों, ताकि अगर चक्कर आए तो सहारा मिल जाए।

5. त्रिकोणासन (Triangle Pose)

यह आसन शरीर को स्ट्रेच करता है और संतुलन में सुधार करता है।

करने का तरीका:

सावधानी: बहुत तेज़ी से न झुकें। धीरे-धीरे करें।

6. भद्रासन (Butterfly Pose)

यह आसन शांति देता है और संतुलन को सुधारता है।

करने का तरीका:

7. अर्धचंद्रासन (Half Moon Pose)

यह आसन संतुलन को बेहतर बनाता है।

करने का तरीका:

सावधानी: शुरुआत में दीवार के पास करें। संतुलन बेहतर होने तक हर बार सहारा लें।

8. ताड़ासन (Palm Tree Pose)

यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।

करने का तरीका:

9. मेरु दंडासन (Spinal Twist)

यह आसन पीठ और गर्दन को शांति देता है।

करने का तरीका:

10. हस्तपादासन (Forward Bend)

यह आसन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है। लेकिन अगर चक्कर है तो धीरे-धीरे करें।

करने का तरीका:

सावधानी: तेज़ी से न झुकें। चक्कर आए तो तुरंत सीधे हो जाएं।

चक्कर में ये आसन बिलकुल न करें

1. सिरसासन (Headstand), पूरी तरह मना है

यह सबसे खतरनाक आसन है चक्कर के लिए। मैंने Prime ENT Center में कई रोगियों को देखा है जिन्होंने सिरसासन करते समय गंभीर चक्कर का दौरा पड़ा।

क्यों खतरनाक है:

मेरी सलाह: चक्कर पूरी तरह ठीक होने तक सिरसासन बिलकुल न करें। और यहाँ तक कि ठीक होने के बाद भी, किसी ट्रेनर की देखरेख में ही करें।

2. हलासन (Plow Pose), बिलकुल न करें

यह आसन भी बहुत खतरनाक है।

क्यों खतरनाक है:

3. शर्षासन (Shoulder Stand), मना है

यह भी हलासन जितना ही खतरनाक है। गर्दन पर दबाव से चक्कर बढ़ता है।

4. चक्रासन (Wheel Pose), सावधानी से

यह आसन पीछे की ओर झुकता है। चक्कर के समय इससे बचें।

5. अधो मुख शवासन (Downward Dog), सावधानी से

यह आसन सिर को नीचे की ओर करता है। अगर आप इसे करते हैं, तो:

6. शवासन (Corpse Pose), अगर सही तरीके से न हो

शवासन आमतौर पर सुरक्षित है, लेकिन अगर आप ऊँची जगह पर तेज़ी से लेट जाएं, तो चक्कर आ सकता है।

सही तरीका:

प्राणायाम (सांस लेने की प्रक्रिया) और चक्कर

सुरक्षित प्राणायाम

प्राणायाम से मस्तिष्क को ऑक्सीजन अच्छी मिलती है। यह चक्कर में फायदेमंद है।

1. अनुलोम-विलोम

यह सबसे अच्छा प्राणायाम है चक्कर के लिए।

करने का तरीका:

फायदे:

2. भस्त्रिका (Bellows Breath)

यह प्राणायाम ऊर्जा बढ़ाता है, लेकिन धीरे-धीरे शुरू करें।

करने का तरीका:

सावधानी: बहुत तेज़ी से न करें। अगर चक्कर आए, तो तुरंत रुक जाएं।

3. नाड़ी शोधन (Alternate Nostril Breathing)

यह प्राणायाम शांति देता है।

करने का तरीका:

4. कपालभाती (Skull Shining Breath)

यह प्राणायाम मस्तिष्क को स्पष्ट करता है। लेकिन धीरे-धीरे शुरू करें।

करने का तरीका:

ये प्राणायाम न करें

ध्यान (Meditation) और चक्कर

ध्यान बहुत असरदार है चक्कर के लिए। Prime ENT Center में मैं सभी रोगियों को ध्यान सुझाता हूँ।

शांत ध्यान

करने का तरीका:

रोज़ सुबह 6 बजे यह करें। इससे चक्कर में 40% तक सुधार होता है।

मंत्र ध्यान

ओम का जाप करने से भी चक्कर में सुधार होता है।

करने का तरीका:

वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन (VRT) vs. योग

VRT (Vestibular Rehabilitation Therapy) एक विशेष थेरेपी है जो चक्कर के लिए बनाई गई है। योग से यह अलग है।

VRT के व्यायाम

ये व्यायाम विशेषकर BPPV और वेस्टिबुलर समस्या के लिए बनाए गए हैं।

1. Gaze Stabilization Exercises

इसमें आप एक बिंदु को देखते हुए सिर को हिलाते हैं।

करने का तरीका:

2. Balance Exercises

ये संतुलन को बेहतर बनाते हैं।

3. Movement Exercises

ये व्यायाम तेज़ी से संतुलन को ठीक करते हैं।

योग और VRT का अंतर

योग एक संपूर्ण प्रणाली है, जबकि VRT विशेषकर चक्कर के लिए बना है।

मेरी सलाह: दोनों करें। सुबह योग करें, दोपहर में VRT व्यायाम करें।

योग करते समय सुरक्षा के नियम

1. धीरे-धीरे शुरू करें

पहले हल्के आसन करें। फिर धीरे-धीरे कठिन आसन में जाएं।

2. सहारा लें

दीवार के पास या किसी की मदद से योग करें। गिरने का खतरा कम होगा।

3. खाली पेट करें

खाना खाने के कम से कम 2 घंटे बाद योग करें।

4. सुबह का समय अच्छा है

सुबह 6-7 बजे योग करने से सबसे अच्छे परिणाम मिलते हैं।

5. जबरदस्ती न करें

अगर कोई आसन से चक्कर आए, तो तुरंत बंद कर दें।

6. गुरु या ट्रेनर की देखरेख लें

अगर आप नए हैं, तो किसी योग गुरु से सीखें।

7. धीरे-धीरे उठें-बैठें

आसन से उठते समय तेज़ी न करें। धीरे-धीरे उठें।

उम्र के अनुसार योग

बच्चों (8-15 साल)

बच्चों को हल्के आसन करने चाहिए।

सिरसासन, हलासन बिलकुल न करें।

युवा (15-40 साल)

युवाओं को सभी आसन कर सकते हैं, लेकिन चक्कर हो तो सावधानी रखें।

मध्यम आयु (40-60 साल)

इस उम्र में शरीर की लचक कम हो जाती है।

बुजुर्ग (60+ साल)

बुजुर्गों को गिरने का खतरा अधिक होता है।

योग से पहले डॉक्टर से सलाह लें

अगर आपको ये बीमारियां हैं:

तो डॉक्टर से सलाह लें कि कौन से आसन करें और कौन से न करें।

Prime ENT Center में योग का प्रोग्राम

मैंने Prime ENT Center में एक विशेष योग प्रोग्राम बनाया है चक्कर के रोगियों के लिए। यह प्रोग्राम:

मेरा VAI Budapest 2025 award इस बात का प्रमाण है कि योग और दवा दोनों साथ चलने से सबसे अच्छे परिणाम मिलते हैं।

सामान्य गलतियां जो लोग करते हैं

गलती 1: YouTube पर योग सीखना

YouTube पर बहुत सारे योग गुरु हैं, लेकिन सभी सही नहीं हैं। चक्कर के लिए विशेष योग सीखें।

गलती 2: जबरदस्ती करना

अगर आपका शरीर किसी आसन को नहीं कर सकता, तो न करें।

गलती 3: गुरु की बात न सुनना

अगर योग गुरु कह रहे हैं कि सिरसासन न करें, तो न करें।

गलती 4: बहुत जल्दी बेहतर आसन करना

कुछ लोग कुछ दिन बाद ही मुश्किल आसन करने लगते हैं। यह गलत है।

गलती 5: नियमितता न रखना

योग का सबसे बड़ा नियम है नियमितता। रोज़ करना चाहिए, सप्ताह में कभी-कभी नहीं।

योग को दवा के साथ कैसे करें

अगर आप दवा ले रहे हैं, तो योग दवा का विकल्प नहीं है। दवा जारी रखें।

योग का फायदा:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सिर्फ योग से चक्कर ठीक हो सकता है?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि चक्कर का कारण क्या है। अगर चक्कर हल्का है और तनाव या नींद की कमी से है, तो योग अकेले भी काफी फायदा करता है। लेकिन अगर BPPV है, Meniere’s Disease है, या Vestibular Neuritis है, तो योग के साथ-साथ दवा और Epley Maneuver जैसी प्रक्रियाएं भी जरूरी हैं। मेरे पास ऐसे रोगी आए हैं जिन्होंने 3 महीने सिर्फ योग किया और चक्कर और बढ़ गया — क्योंकि BPPV का इलाज योग नहीं, कान का crystal repositioning है। इसलिए पहले diagnosis करवाएं, फिर तय करें कि योग काफी है या नहीं।

क्या कुछ दिन योग बंद करने से चक्कर वापस आता है?

हाँ, यह एक बहुत सही सवाल है। जब आप नियमित योग करते हैं तो आपका Vestibular System और Balance System धीरे-धीरे मजबूत होता है। अगर बीच में 10-15 दिन के लिए बंद कर दें, तो कुछ लोगों को हल्का चक्कर फिर से महसूस होता है — खासकर बुजुर्गों में। मेरी सलाह है कि अगर किसी कारण बंद करना पड़े, जैसे बीमारी या सफर, तो उतने दिन सिर्फ गहरी सांसें और ध्यान करें — पूरी तरह बंद मत करें। दोबारा शुरू करते समय हल्के आसन से शुरू करें, जहाँ से छोड़ा था वहाँ से नहीं।

क्या गर्भावस्था में चक्कर के लिए योग कर सकते हैं?

गर्भावस्था में चक्कर आना बहुत आम है — खासकर पहले तीन महीनों में। इस दौरान कुछ योग आसन बिल्कुल सुरक्षित हैं, जैसे सुखासन, वज्रासन और अनुलोम-विलोम। लेकिन सिरसासन, हलासन, और कोई भी उलटा आसन सख्त मना है। मेरे पास Lucknow से एक मरीज आई थीं — सातवें महीने में थीं और YouTube देखकर पहाड़ासन कर रही थीं, चक्कर और बढ़ गया था। प्रेग्नेंसी में योग हमेशा किसी प्रशिक्षित गुरु की निगरानी में करें और पहले अपने gynecologist और ENT दोनों से सलाह लें।

क्या बिस्तर पर लेटे-लेटे भी योग हो सकता है?

हाँ, कुछ आसन बिस्तर पर भी होते हैं — जैसे supine stretches और हल्की breathing exercises। लेकिन सच यह है कि बिस्तर पर योग उतना असरदार नहीं होता जितना जमीन पर। जमीन पर एक firm surface होती है जो balance training के लिए जरूरी है। अगर आप बहुत कमजोर हैं या बुजुर्ग हैं और जमीन पर बैठना मुश्किल है, तो बिस्तर पर शुरू करें — फिर धीरे-धीरे जमीन पर आएं। एक yoga mat लेना सबसे अच्छा निवेश है।

मोटापे के साथ चक्कर है, क्या योग से दोनों ठीक होंगे?

मोटापे और चक्कर का अक्सर सीधा संबंध होता है — खासकर जब Blood Pressure या Diabetes भी हो। योग दोनों में मदद करता है, लेकिन शुरुआत बहुत धीरे-धीरे करें। पहले हफ्ते सिर्फ सुखासन और प्राणायाम करें, जो बैठकर होता है। खड़े होने वाले आसन — जैसे पहाड़ासन — तब शुरू करें जब थोड़ा संतुलन आ जाए। दीवार का सहारा जरूर लें। मेरे एक मरीज, Hardoi के रहने वाले थे, 105 किलो वजन था, उन्होंने 4 महीने सिर्फ वज्रासन और अनुलोम-विलोम किया — चक्कर 70% कम हो गया।

पीठ दर्द भी है और चक्कर भी — कौन सा योग करूँ?

यह combination बहुत common है — खासकर Cervical Spondylosis के मरीजों में। गर्दन और पीठ दोनों की समस्या एक साथ चक्कर को बढ़ाती है। ऐसे में मार्जारियासन (Cat-Cow stretch) सबसे अच्छा आसन है — यह रीढ़ को लचीला बनाता है और गर्दन का तनाव कम करता है। त्रिकोणासन भी धीरे-धीरे करें। लेकिन आगे झुकने वाले आसन — जैसे हस्तपादासन — तेजी से न करें, वरना cervical पर दबाव बढ़ सकता है। पहले किसी physiotherapist या ENT से एक बार जरूर मिलें।

क्या योग दवा का विकल्प है? दवा कब बंद हो सकती है?

नहीं — योग दवा का विकल्प नहीं है, कम से कम शुरुआत में तो बिल्कुल नहीं। दवा और योग साथ-साथ चलते हैं। अच्छी बात यह है कि जो मरीज नियमित योग करते हैं, उन्हें 2-3 महीने में दवा की मात्रा कम करने की जरूरत पड़ती है। 6 महीने में कुछ लोग दवा पूरी तरह बंद भी कर सकते हैं — लेकिन यह फैसला मेरे जैसे डॉक्टर का है, आपका नहीं। खुद से दवा बंद करना खतरनाक हो सकता है, खासकर Meniere’s या Vestibular Migraine में।

मैं Lucknow/Delhi में हूँ, क्या ऑनलाइन योग गाइडेंस मिल सकती है?

हाँ बिल्कुल। मैं हर हफ्ते 15-20 मरीजों को WhatsApp Video Call पर guide करता हूँ — Lucknow, Delhi, Mumbai, Pune, सभी जगहों से। Online consultation में मैं पहले आपकी diagnosis समझता हूँ, फिर आपकी उम्र, वजन और symptoms के हिसाब से एक personalized yoga routine बनाता हूँ। बस 7393062200 पर WhatsApp करें, appointment fix हो जाएगी। अगर पहले किसी और डॉक्टर से tests करवाए हैं तो reports भेज दें — उससे guidance और सटीक होती है।

>चक्कर के मरीज़ों के लिए 15 मिनट की सुबह की दिनचर्या

मेरे रोगियों ने जब यह रूटीन अपनाया, तो उन्हें 2-3 हफ्ते में ही असर दिखा। यह दिनचर्या विशेष रूप से चक्कर और बीपीपीवी के मरीज़ों के लिए डिज़ाइन की गई है।

5:30-5:45 AM: सोते हुए से जागना

सोते हुए से अचानक उठ मत जाइए। यह चक्कर का मुख्य कारण है।

5:45-6:00 AM: हल्के व्यायाम

दिन की शुरुआत हल्के व्यायाम से करें:

6:00-6:15 AM: योग आसन

इस रूटीन को हर दिन सुबह करने से वेस्टिबुलर सिस्टम मजबूत होता है और चक्कर कम आता है।

प्रत्येक आसन करने का सही तरीका, विस्तृत स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

पहाड़ासन (Mountain Pose), विस्तृत निर्देश

यह आसन संतुलन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

स्टेप 1: सही मुद्रा

स्टेप 2: भार वितरण

स्टेप 3: सांस और मानसिकता

सुरक्षा सुझाव: पहली बार दीवार के पास करें। किसी को पास में रहने दें।

सुखासन (Easy Pose), विस्तृत निर्देश

स्टेप 1: बैठना

स्टेप 2: ऊपरी शरीर की मुद्रा

स्टेप 3: ध्यान और सांस

वज्रासन (Diamond Pose), विस्तृत निर्देश

स्टेप 1: सही तरीका

स्टेप 2: हाथों की स्थिति

स्टेप 3: अवधि

मार्जारियासन (Cat Stretch), विस्तृत निर्देश

स्टेप 1: शुरुआती मुद्रा

स्टेप 2: साँस लेते समय (Cow)

स्टेप 3: साँस निकालते समय (Cat)

योग और वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन में क्या अंतर है?

यह सवाल मेरे हर मरीज़ को है। बहुत से लोग सोचते हैं कि योग और फिजिकल थेरेपी एक ही चीज़ है। लेकिन वास्तव में दोनों बिलकुल अलग हैं।

योग (Yoga)

वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थेरेपी (VRT)

तुलना

विशेषता योग VRT
गति धीमा तेज़
समय लगता है 1-2 महीने 2-4 हफ्ते
प्रभावशीलता 60-70% 85-90%
मानसिक लाभ बहुत ज़्यादा कम
दवा के साथ हाँ, जरूरी हाँ, जरूरी

मेरी सलाह: योग और VRT दोनों को एक साथ करें। योग मन को शांत करता है और VRT शरीर की समस्या को ठीक करता है।

पहली बार योग शुरू करने की सावधानियां

नए लोगों को योग शुरू करते समय सबसे ज़्यादा गलतियाँ होती हैं। मेरे 15 सालों का अनुभव कहता है कि सही सावधानियाँ लेने से 50% लोगों को फायदा हो जाता है।

पहले दिन की सावधानियां

पहले हफ्ते की सावधानियां

पहले महीने की सावधानियां

किस उम्र में क्या योग आसन करें?

उम्र के हिसाब से योग में बदलाव होना चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण है।

15-25 साल: नई शुरुआत

इस उम्र में युवा हैं, तो सभी आसन कर सकते हैं।

25-45 साल: सामान्य योग

यह उम्र काम और परिवार का दबाव होता है। योग से तनाव कम करें।

45-60 साल: धीमा और स्थिर

इस उम्र में शरीर कमज़ोर होने लगता है। बहुत सावधान रहें।

60+ साल: अत्यंत सावधानी

बुज़ुर्गों को गिरने का सबसे ज़्यादा खतरा है। बहुत सावधान रहें।

एक आखिरी बात मेरी तरफ से

योग चक्कर के इलाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन सही आसन करना बहुत जरूरी है।

याद रखें:

  1. सिरसासन और हलासन बिलकुल न करें
  2. धीरे-धीरे और नियमित रूप से करें
  3. सहारा लें
  4. दवा के साथ योग करें
  5. डॉक्टर की सलाह लें
  6. अपने शरीर को सुनें

अगर आप ये नियम मानेंगे, तो योग से आपको बहुत फायदा मिलेगा।

अपॉइंटमेंट बुक करें

Prime ENT Center, हरदोई

फोन: 7393062200

वेबसाइट: drprateekporwal.com

डॉ. प्रतीक पोरवाल आपकी योग और चक्कर की समस्या में सहायता करेंगे।

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