Wondering about VNG test cost in India? Here’s a breakdown of what to expect. टेस्ट is something I see regularly in my practice. भइया, जब कोई मरीज़ मेरे पास चक्कर की शिकायत लेकर आता है, तो मुझे सबसे पहले पता चलाना होता है कि आखिर चक्कर आ कहाँ से रहा है? क्या यह दिमाग़ की समस्या है? क्या यह कान की समस्या है? या कोई और कारण है? और इसके लिए मैं एक बहुत ही आधुनिक और बहुत ही सटीक परीक्षा करता हूँ, जिसे VNG कहते हैं। आज हम vng टेस्ट चक्कर के बारे में बात करेंगे।

मेरे एक मरीज़, राजीव, को जब मैंने कहा कि “तुम्हें VNG टेस्ट करवाना है”, तो उन्होंने घबराते हुए पूछा, “डाक्टर, ये क्या है? क्या इसमें दर्द होता है? क्या इससे कोई खतरा है? और यह कितने समय का होता है?” उस दिन मैंने सोचा कि बहुत सारे लोगों को VNG के बारे में गलतफ़हमी होगी। इसलिए मैं यह पूरा लेख लिख रहा हूँ।

Understanding टेस्ट

VNG आखिर है क्या?

VNG का मतलब है “Video Nystagmography”। अरे, इस अंग्रेज़ी नाम से घबराइए मत। यह बस एक परीक्षा है जो आपकी आँखों की गति को देखता है। और यह देखकर बताता है कि आपके कान के अंतरिक भाग में क्या समस्या है।

हमारे शरीर में एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यवस्था है जिसे “वेस्टिबुलर सिस्टम” कहते हैं। यह सिस्टम कान के अंदर होता है। और यह हमें संतुलन बनाने में मदद करता है। जब आप चलते हो, या सिर घुमाते हो, यह सिस्टम तुरंत बता देता है कि सिर किस दिशा में है। और यह जानकारी आपकी आँखों को भी भेज देता है।

अब जब कान के इस हिस्से में कोई समस्या होती है, तो आपकी आँखें अजीब तरीके से हिलने लगती हैं। इसे “निस्टागमस” (Nystagmus) कहते हैं। VNG परीक्षा इसी निस्टागमस को देखकर पता लगाता है कि आपके कान में क्या गड़बड़ी है।

VNG परीक्षा कैसे होता है? पूरी प्रक्रिया

अब मैं आपको बताता हूँ कि VNG परीक्षा कैसे होता है। एक बार एक महिला, लक्ष्मी जी, आईं। उन्होंने मुझसे कहा, “डाक्टर, अगर आप मुझे पहले बता देते कि क्या होने वाला है, तो मैं इतनी घबराती नहीं। मैं सोच रही थी कि शायद मेरे दिमाग़ को देखा जाएगा।” तो चलिए, मैं पूरी प्रक्रिया को step-by-step बताता हूँ।

Step 1: आपको एक कमरे में ले जाया जाता है

VNG परीक्षा के लिए एक अंधेरे कमरे की ज़रूरत होती है। ये कमरा आमतौर पर बहुत शांत होता है। खिड़कियों पर पर्दे होते हैं। इसका कारण यह है कि बाहर की रोशनी आपकी परीक्षा को गड़बड़ा सकती है।

Step 2: आपको एक विशेष चश्मा पहनाया जाता है

फिर मैं आपको एक विशेष चश्मा पहनाता हूँ। यह चश्मा बिल्कुल सामान्य नहीं होता। इसमें अंदर की तरफ़ इन्फ़्रारेड कैमरे लगे होते हैं। ये कैमरे आपकी आँखों की गति को ट्रैक करते हैं। यह चश्मा हल्का होता है। इसमें कोई दर्द नहीं होता। बस पहन लो और कुछ मिनटों के लिए रख लो।

Step 3: आपकी आँखों को कैलिब्रेट किया जाता है

अब सबसे पहली चीज़ है कैलिब्रेशन। मैं आपको एक स्क्रीन पर कुछ बिंदु दिखाता हूँ। आप उन बिंदुओं को देखते हो। कंप्यूटर तुरंत समझ जाता है कि आपकी आँखें किस तरीके से चल रही हैं। यह सब सेटअप के लिए 2-3 मिनट लग जाता है।

Step 4: विभिन्न परीक्षण किए जाते हैं

अब असली परीक्षा शुरू होता है। कई तरह के परीक्षण होते हैं:

a) Pursuit Test (पर्सूट टेस्ट): आपको एक बिंदु को देखना होता है जो स्क्रीन पर इधर-उधर चल रहा होता है। आप बस उस बिंदु को आपकी आँखों से follow करते हो। यह देखने के लिए है कि आपकी आँखें smooth तरीके से किसी चीज़ को follow कर सकती हैं या नहीं।

b) Saccade Test (सेकेड टेस्ट): अब स्क्रीन पर दो बिंदु हैं। एक बिंदु बाईं तरफ़ है, एक दाईं तरफ़। आपको तेज़ी से एक बिंदु से दूसरे बिंदु की तरफ़ देखना होता है। यह देखने के लिए है कि आपकी आँखें तेज़ी से एक जगह से दूसरी जगह जा सकती हैं।

c) Gaze Stability Test (गेज़ स्टेबिलिटी टेस्ट): अब एक बिंदु है। आपको आपका सिर हिलाना है, लेकिन आँखें उसी बिंदु पर रखनी हैं। यानी सिर इधर-उधर हो, पर आँखें एक जगह पर रहें। यह परीक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि आपका वेस्टिबुलर सिस्टम ठीक काम कर रहा है या नहीं।

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d) Dix-Hallpike Test (डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट): अब यह एक थोड़ा अलग परीक्षा है। आपको बैठा हुआ होना चाहिए। फिर मैं आपको अपनी कुर्सी से तेज़ी से पीछे की तरफ़ झुकाता हूँ, ताकि आपका सिर पीछे की तरफ़ लटक जाए। यह करते समय कई मरीज़ों को चक्कर आता है। और उसी चक्कर के दौरान मैं आपकी आँखों की गति को देखता हूँ। इससे मुझे पता चल जाता है कि आपको BPPV जैसी समस्या है या नहीं।

e) Caloric Test (कैलोरिक टेस्ट): यह सबसे मजेदार परीक्षा है। मैं आपके कान में गर्म पानी डालता हूँ, फिर ठंडा पानी। गर्म और ठंडा पानी से आपके कान में हल्का-फुल्का बदलाव आता है, जो आपकी आँखों को हिला देता है। यह न दर्द देने वाला है, न घबराने वाला। बस एक अजीब-सा अहसास होता है।

VNG परीक्षा कितने समय का होता है?

अरे, यह तो सबसे आसान सवाल है। पूरा VNG परीक्षा लगभग 30-45 मिनट का होता है। कुछ मरीज़ों में एक घंटा भी लग सकता है। लेकिन यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि परीक्षा के दौरान क्या परिणाम आ रहे हैं।

तैयारी के लिए 10 मिनट, असली परीक्षा के लिए 30-40 मिनट, और अगर किसी को कोई अजीब परिणाम आएँ, तो कुछ और परीक्षा भी हो सकते हैं।

VNG परीक्षा में क्या तैयारी करनी पड़ती है?

अब बहुत सारे मरीज़ पूछते हैं, “डाक्टर, हमें क्या तैयारी करनी है? क्या हम कुछ न खा सकते? क्या हमें दवा नहीं लेनी चाहिए?” अरे, इस परीक्षा की तैयारी बहुत सरल है।

1. दवाइयों के बारे में बताएँ: अगर आप कोई दवा ले रहे हो, तो मुझे बता दो। खास तौर पर जो दवाइयाँ चक्कर के लिए ली जा रही हैं, या जो नींद लाती हैं, उन्हें 24 घंटे पहले बंद कर सकते हो। लेकिन अपनी ख़ुशी से मत करो। मुझसे पूछ लो।

2. खाना-पीना: परीक्षा से 2-3 घंटे पहले कुछ न खाएँ। बस हल्का खाना खाएँ। अगर आप भूखे आओगे, तो परीक्षा के दौरान कमजोरी महसूस हो सकती है।

3. आँखों की तैयारी: अगर आप चश्मा पहनते हो, तो उसे ले जाना। कॉन्टैक्ट लेंस निकाल दो। आँखों में कोई दवा न डालो।

4. कपड़े: ऐसे कपड़े पहनो जो आसानी से निकाले जा सकें। क्योंकि कभी-कभी आपको लिटाया जाता है।

5. किसी को साथ ले जाओ: अगर परीक्षा के दौरान चक्कर आ गया, या आप घबरा गए, तो किसी को साथ रखना अच्छा है।

VNG परीक्षा में दर्द या खतरा है?

यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है। और सीधा जवाब है, नहीं, कोई दर्द नहीं है। कोई खतरा नहीं है। बिल्कुल सुरक्षित परीक्षा है।

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हाँ, कुछ मरीज़ों को परीक्षा के दौरान हल्का-फुल्का चक्कर आ सकता है। खास तौर पर जब आपको BPPV जैसी समस्या है। लेकिन यह चक्कर कुछ सेकंड या मिनटों का होता है। यह चक्कर खतरनाक नहीं है। और न ही यह आपकी स्थिति को और ख़राब करता है।

मेरे एक मरीज़, सुनीता, को परीक्षा के दौरान बहुत तेज़ चक्कर आया। वो घबरा गईं। लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि “यह चक्कर अच्छी बात है। इससे मुझे पता चल जाएगा कि तुम्हें क्या है। और फिर मैं तुम्हारा इलाज कर सकता हूँ।” अब सुनीता को बहुत अच्छा परिणाम मिल गया है।

VNG परीक्षा के परिणाम क्या होते हैं?

अब परीक्षा हो गया। अब क्या? अब परिणाम क्या होंगे? अरे, यह सब कंप्यूटर निकाल देता है। VNG मशीन सब परिणाम automatically निकाल देती है।

परिणामों में कई चीज़ें होती हैं:

1. Smooth Pursuit (स्मूद पर्सूट): यह देखता है कि आपकी आँखें smooth तरीके से किसी चीज़ को follow कर सकती हैं। अगर यह normal है, तो ठीक है। अगर यह abnormal है, तो केंद्रीय नर्वस सिस्टम में कोई समस्या हो सकती है।

2. Saccades (सेकेड्स): यह देखता है कि आपकी आँखें तेज़ी से एक जगह से दूसरी जगह जा सकती हैं। अगर यह slow है, तो कुछ neurological समस्या हो सकती है।

3. Nystagmus (निस्टागमस): यह अगर present है, तो यह बताता है कि आपके वेस्टिबुलर सिस्टम में कोई समस्या है। Nystagmus का दिशा भी महत्वपूर्ण है।

4. Caloric Response (कैलोरिक रेस्पांस): यह बताता है कि आपके दोनों कानों के वेस्टिबुलर सिस्टम समान तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। अगर एक कान से response ज़्यादा है, तो उस कान में समस्या हो सकती है।

VNG के परिणाम क्या बताते हैं?

VNG परीक्षा के परिणामों से निम्नलिखित चीज़ें पता चल सकती हैं:

1. BPPV (Benign Paroxysmal Positional Vertigo): अगर VNG के दौरान किसी विशेष position में nystagmus आता है, तो BPPV हो सकता है। यह एक बहुत ही common समस्या है।

2. Vestibular Neuritis: एक कान के वेस्टिबुलर सिस्टम को नुकसान।

3. Labyrinthitis: कान में सूजन।

4. Meniere’s Disease: कान में तरल पदार्थ की समस्या।

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5. Central Vertigo: दिमाग़ में समस्या।

6. Age-related changes: बुज़ुर्गों में उम्र के कारण बदलाव।

VNG परीक्षा की कीमत क्या है?

अब यह सवाल जो सभी पूछते हैं। “डाक्टर, यह परीक्षा कितना खर्चीला है?” अरे, यह तो शहर-दर-शहर अलग होता है। और अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग कीमत होती है।

लेकिन औसत तौर पर, एक VNG परीक्षा Contact clinic for feesरुपये के बीच होता है। कुछ जगहों पर यह Contact clinic for feesभी हो सकता है। और सरकारी अस्पतालों में यह बहुत सस्ता होता है, कभी-कभी सौ-दो सौ रुपये में भी।

Prime ENT Center में हम इस परीक्षा को एक reasonable कीमत पर कर देते हैं। क्योंकि मेरा मानना है कि अच्छा इलाज सभी को मिलना चाहिए, चाहे वो अमीर हों या गरीब।

VNG परीक्षा के बाद क्या होता है?

परीक्षा खत्म हो गया। अब क्या? अब मैं आपके परिणामों को analyze करता हूँ। मैं देखता हूँ कि आपके लक्षण और VNG के परिणाम क्या कहानी बता रहे हैं।

फिर मैं आपके साथ बैठता हूँ और सब कुछ समझाता हूँ। “तुम्हें यह समस्या है। इसका कारण यह है। इलाज यह है।” और अगर और कोई परीक्षा की ज़रूरत है, तो मैं वह भी बता देता हूँ।

मेरे एक मरीज़, विजय, को VNG के बाद BPPV का निदान हुआ। मैंने उन्हें Epley maneuver किया। एक ही सेशन में उन्हें 80 प्रतिशत राहत मिल गई। अब वो बिल्कुल ठीक हैं।

VNG परीक्षा के नुकसान क्या हैं?

वैसे तो VNG एक बहुत ही अच्छी और सुरक्षित परीक्षा है। लेकिन कुछ limitations हैं:

1. केंद्रीय समस्याओं का निदान नहीं हो सकता: अगर आपको दिमाग़ में कोई समस्या है, तो VNG हर बार इसे नहीं दिखा सकता। कभी-कभी और परीक्षा की ज़रूरत होती है।

2. महंगा हो सकता है: कुछ जगहों पर यह बहुत महंगा हो सकता है।

3. सभी जगहों पर उपलब्ध नहीं: छोटे शहरों में यह सुविधा नहीं होती।

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क्या ऑनलाइन VNG परीक्षा संभव है?

अरे, यह तो एक बहुत ही अच्छा सवाल है। क्या हम VNG परीक्षा ऑनलाइन कर सकते हैं? उत्तर है, थोड़ा-बहुत हाँ, लेकिन पूरी तरह नहीं।

ऑनलाइन में हम कुछ simple परीक्षा कर सकते हैं, जैसे आपको बताना कि “अपनी आँखें किसी बिंदु पर फ़ोकस करो” और फिर हम आपकी आँखों की गति को video के ज़रिए देख सकते हैं। लेकिन असली VNG परीक्षा के लिए आपको क्लिनिक में आना होता है।

Dr. Prateek Porwal के पास अब ऑनलाइन consultation की सुविधा है। अगर आप किसी कारण से clinic नहीं आ सकते, तो आप ऑनलाइन consultation ले सकते हो। और फिर जब आप clinic आओ, तो VNG परीक्षा करवा सकते हो।

VNG परीक्षा के अलावा और क्या परीक्षा हो सकते हैं?

अक्सर VNG अकेले काफ़ी नहीं होता। कुछ मामलों में और परीक्षा भी करने पड़ते हैं:

1. Hearing Test (ऑडियोमेट्री): सुनने की क्षमता को test करने के लिए।

2. MRI: अगर दिमाग़ में कोई समस्या का संदेह हो।

3. CT Scan: कान के अंदर की detailed तस्वीर के लिए।

4. Blood Tests: किसी infection या disease को rule out करने के लिए।

5. Imaging Studies: और भी detailed जानकारी के लिए।

Dr. Prateek Porwal के यहाँ VNG परीक्षा

Prime ENT Center में हमारे पास latest VNG मशीन है। हमारे पास trained technicians हैं। और सबसे अहम बात, मेरे पास 15+ साल का experience है चक्कर के मरीज़ों को देखने का।

हम VNG के परिणामों को सावधानी से analyze करते हैं। और फिर सही निदान करते हैं। और फिर सही इलाज की योजना बनाते हैं।

अगर आपको चक्कर है, तो आज ही फ़ोन करो, 7393062200। हम आपको सही मार्गदर्शन देंगे।

निष्कर्ष

VNG परीक्षा एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। यह चक्कर के कारण को समझने में बहुत मदद करता है। यह दर्द रहित है। यह सुरक्षित है। और यह तुरंत परिणाम देता है।

अगर आप चक्कर से परेशान हैं, तो VNG परीक्षा करवा लो। सही निदान के बाद, सही इलाज भी हो सकता है। और सही इलाज से आप फिर से अपनी सामान्य ज़िंदगी जी सकते हो।

याद रखो, चक्कर एक लक्षण है, कोई बीमारी नहीं। और हर लक्षण के पीछे कोई कारण होता है। VNG उसी कारण को ढूँढ़ने में मदद करता है।

Dr. Prateek Porwal, Prime ENT Center, Hardoi, Uttar Pradesh

फ़ोन: 7393062200


Medical Disclaimer: This article is for educational purposes only. It does not constitute medical advice or prescribing guidance. All medications mentioned should only be taken under the direct supervision of a qualified physician. Specific doses, durations, and drug choices depend on your individual clinical condition and must be determined by your treating doctor. If you experience severe symptoms, please seek immediate medical attention.

References

  1. Shepard NT, Telian SA. Practical Management of the Dizzy Patient. Lippincott Williams & Wilkins. 2002.

This article is for educational purposes. Please consult Dr. Prateek Porwal at Prime ENT Center, Hardoi for personal medical advice.

Dr. Prateek Porwal is an ENT & Vertigo Specialist with over 13 years of experience, holding MBBS (GSVM Medical College), DNB ENT (Tata Main Hospital), and CAMVD (Yenepoya University). He is the originator of the Bangalore Maneuver for Anterior Canal BPPV and has published research in Frontiers in Neurology and IJOHNS. Serving at Prime ENT Center, Hardoi.

Reference: Vestibular Migraine Diagnostic Criteria — Lempert et al, 2022

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