एक मरीज़ आए थे — कह रहे थे “डॉक्टर साहब, कल रात तक ठीक था, सुबह उठा तो लगा जैसे सब कुछ घूम रहा है। खड़ा नहीं हो पा रहा था।” यह वेस्टिबुलर न्यूराइटिस था।

यह बीमारी अचानक आती है और बहुत डरावनी लगती है। लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं — यह गंभीर नहीं है और इसका इलाज होता है।

वेस्टिबुलर न्यूराइटिस क्या है?

हमारे कान से दिमाग तक एक तंत्रिका (Nerve) जाती है — जिसे वेस्टिबुलर तंत्रिका (Vestibular Nerve) कहते हैं। यह तंत्रिका संतुलन के संकेत दिमाग तक पहुँचाती है।

जब किसी वायरस के संक्रमण से यह तंत्रिका सूज जाती है — तब संकेत ठीक से नहीं जाते। इसी से अचानक तेज़ चक्कर आता है। इसे वेस्टिबुलर न्यूराइटिस (Vestibular Neuritis) कहते हैं।

कारण

ज़्यादातर मामलों में वायरस ज़िम्मेदार होता है — जैसे Herpes Simplex Virus। यही वायरस सर्दी-ज़ुकाम भी करता है। इसीलिए अक्सर यह बीमारी सर्दी या वायरल बुखार के बाद आती है।

लक्षण

BPPV से यह इसलिए अलग है — BPPV में चक्कर केवल सिर हिलाने पर आता है और कुछ सेकंड में रुकता है। वेस्टिबुलर न्यूराइटिस में चक्कर लगातार रहता है।

इलाज

इलाज दो चरणों में होता है:

पहला चरण (तीव्र अवस्था में):

दूसरा चरण (रिकवरी में):

ठीक होने में कितना समय लगता है?

तेज़ चक्कर 3-5 दिनों में कम होता है। लेकिन पूरी तरह ठीक होने में 4-6 हफ्ते लग सकते हैं। VRT से यह समय कम होता है।

कुछ मरीज़ों में हल्का असंतुलन महीनों तक रह सकता है। VRT से यह भी ठीक होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: क्या वेस्टिबुलर न्यूराइटिस दोबारा होता है?
उ: बहुत कम — लगभग 5% मरीज़ों में दोबारा होता है। ज़्यादातर मरीज़ एक ही बार के इलाज से ठीक हो जाते हैं।

प्र: क्या यह दिमाग की बीमारी है?
उ: नहीं। यह कान की तंत्रिका की बीमारी है। दिमाग ठीक रहता है। लेकिन शुरुआत में लक्षण डराने वाले लग सकते हैं।

प्र: VRT क्या होती है?
उ: वेस्टिबुलर रिहैबिलिटेशन थेरेपी — विशेष व्यायामों का क्रम जो दिमाग को दोबारा संतुलन बनाना सिखाता है। Prime ENT Center में यह सुविधा उपलब्ध है।

प्र: Betahistine (Vertin) लेना चाहिए?
उ: तीव्र अवस्था में यह कुछ हद तक लक्षण कम करती है। लेकिन लंबे समय तक लेने से रिकवरी धीमी होती है। VRT अधिक प्रभावी है।

प्र: कब डॉक्टर को तुरंत दिखाएँ?
उ: अगर चक्कर के साथ दोहरी दृष्टि, बोलने में दिक्कत, या हाथ-पैर में कमज़ोरी हो — तुरंत आपातकालीन विभाग जाएँ। यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।

यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉ. प्रतीक पोरवाल (MS, DNB, CAMVD) से व्यक्तिगत परामर्श लें। Prime ENT Center, हरदोई — primeentcenter.in

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